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कफ सिरप सिंडिकेट पर लगातार शिकंजा: दी वाराणसी न्यूज़ की पड़ताल के बाद 12 नए दवा कारोबारियों पर मुकदमा दर्ज

जनपद में कफ सिरप के अवैध कारोबार पर प्रशासन की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। ड्रग इंस्पेक्टर ने सोमवार को कोतवाली थाने में 12 नए दवा फर्म संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। इन सभी पर कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध खरीद–फरोख्त का गंभीर आरोप है। इससे पहले 28 संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका था। ताजा कार्रवाई के बाद अब कुल 40 संचालक जांच के दायरे में आ चुके हैं।

दी वाराणसी न्यूज़ की पड़ताल का बड़ा असर

दी वाराणसी न्यूज़ लगातार कफ सिरप सिंडिकेट का पर्दाफाश कर रहा है। हमारी जांच रिपोर्ट में 19 नवंबर को मास्टरमाइंड प्रशांत उपाध्याय का नाम मजबूती से प्रकाशित किया गया था। 

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इसके बाद विभाग ने उस पर जांच तेज की और जांच में उसकी संलिप्तता की पुष्टि हुई। इसी आधार पर अब उसके खिलाफ भी गंभीर धाराओं में कार्रवाई की गई है।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में की गई छापेमारी और दस्तावेजों की जांच में 12 नई फर्मों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद यह एफआईआर दर्ज कराई है।

जिन 12 दवा फर्म संचालकों पर मुकदमा दर्ज हुआ है—

जिन 12 दवा फर्म संचालकों पर मुकदमा दर्ज हुआ— 1. अमित जाइसवाल, श्री हरि फार्मा एंड सर्जिकल एजेंसी 2. विशाल कुमार सोनकर, विशेश्वर मेडिकल एजेंसी 3. सचिन पांडेय, सौम्य मेडिकल एजेंसी 4. घनश्याम यादव, श्री राम फार्मा 5. अभिनव यादव, खाटू फार्मा 6. बबल आर्या, काल भैरव ट्रेडर्स 7. सचिन यादव, विंध्यवासिनी ट्रेडर्स 8. राहुल कुमार जायसवाल, श्याम फार्मा 9. सौरभ चतुर्वेदी, वाईएसएम फार्मा 10. प्रशांत उपाध्याय, राधिका इंटरप्रसेस 11. पूजा तिवारी, पूमा फार्मा 12. आकाश पाठक, मेड्रिमेडी लाइफ केयर प्राइवेट लिमिटेड। 

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ड्रग इंस्पेक्टर जुनाब अली ने कहा कि जिन दवा फर्मों द्वारा कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध खरीद–फरोख्त की जा रही है, उनके खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। टीम अन्य फर्मों की भी जांच में जुटी है और आने वाले दिनों में और नाम सामने आने की संभावना है।

कफ सिरप सिंडिकेट के खिलाफ यह बड़ी कार्रवाई है, और इसमें मीडिया की सक्रिय भूमिका—विशेषकर दी वाराणसी न्यूज़ की लगातार पड़ताल—ने प्रशासन को ठोस कदम उठाने के लिए मजबूर किया है।