नगवा में पेंटिंग मजदूर की संदिग्ध मौत: सीने में लगी गोली, हाथ में मिली पिस्टल; हत्या या आत्महत्या की गुत्थी में उलझी पुलिस
लंका थाना क्षेत्र के नगवा स्थित संत रविदास पार्क के समीप मंगलवार को एक युवक की गोली लगने से संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान चितईपुर थाना क्षेत्र के टिकरी निवासी बाबूलाल यादव के पुत्र सोनू यादव के रूप में हुई है, जो पेंटिंग का काम करता था।
जानकारी के अनुसार, सोनू यादव पिछले करीब 10 दिनों से नगवा स्थित एक मकान में पेंटिंग का कार्य कर रहा था। मंगलवार दोपहर अचानक गोली चलने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग और मकान में रहने वाले किरायेदार मौके पर पहुंचे। वहां सोनू यादव खून से लथपथ हालत में पड़ा मिला। उसके हाथ में एक पिस्टल भी पाई गई।
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पुलिस के अनुसार, युवक के सीने में गोली लगी है। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन हत्या की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
असलहा कहां से आया, यह भी जांच का विषय
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि पेंटिंग का काम करने वाले युवक के पास पिस्टल कहां से आई। इस बात की भी गहन जांच की जा रही है।
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दुर्घटना की भी जताई जा रही आशंका
जांच के दौरान पुलिस को यह भी संभावना लग रही है कि कमरे में पिस्टल पहले से रखी हो और उसे देखने या उठाने के दौरान अचानक गोली चल गई हो। हालांकि अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
फिंगर प्रिंट टीम जुटी जांच में
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मौके पर फिंगर प्रिंट यूनिट और अन्य तकनीकी टीमों को बुलाया है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि गोली खुद चली, युवक ने आत्महत्या की या फिर इसके पीछे कोई अन्य कारण है।


