महंगाई, बेरोजगारी और सरकार की नीतियों पर भड़के युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष विकास सिंह
युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष एवं अधिवक्ता विकास सिंह ने मंगलवार को केंद्र और प्रदेश सरकार पर महंगाई, बेरोजगारी, अधिवक्ताओं की सुरक्षा और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में लगातार बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी से आम जनता त्रस्त है, लेकिन सरकार इन समस्याओं पर नियंत्रण करने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है।
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उन्होंने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए हमेशा कांग्रेस और पूर्व प्रधानमंत्रियों को जिम्मेदार ठहराती है, जबकि पिछले 12 वर्षों से देश की सत्ता उनके हाथ में है। उन्होंने सवाल उठाया कि नोटबंदी का वास्तविक उद्देश्य क्या था और विदेशों से कितना काला धन वापस लाया गया, इसका जवाब आज तक देश को नहीं मिल पाया।
विकास सिंह ने कहा कि सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों पर फर्जी मुकदमे दर्ज कर उन्हें डराने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता को सवाल पूछने का अधिकार है और सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मीडिया के सवालों से बचने के लिए प्रधानमंत्री ने आज तक खुली प्रेस कांफ्रेंस नहीं की।
अग्निवीर योजना पर सवाल उठाते हुए विकास सिंह ने कहा कि पांच साल की सेवा के बाद यदि प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार नहीं मिला तो इसके गंभीर सामाजिक परिणाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को केवल धार्मिक और राजनीतिक मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय युवाओं के भविष्य और रोजगार पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
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विकास सिंह ने लखनऊ में अधिवक्ताओं के चैंबर तोड़े जाने की घटना को तानाशाही बताते हुए कहा कि सरकार वकीलों को बैठने तक की जगह नहीं देना चाहती। उन्होंने वाराणसी कचहरी परिसर के विस्तार का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि आसपास पर्याप्त जमीन होने के बावजूद सरकार पूंजीपतियों के दबाव में कचहरी विस्तार नहीं कर रही है।
उन्होंने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए और कहा कि अपराधियों को सत्ता का संरक्षण मिल रहा है, जबकि गरीबों और आम जनता पर अत्याचार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने अपराध और भ्रष्टाचार मुक्त शासन का दावा किया था, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है।


