वाराणसी रोपवे का झूलता गोंडोला वीडियो वायरल, प्रबंधन ने बताया ट्रायल का हिस्सा, सुरक्षा पर नहीं कोई खतरा
देश की पहली शहरी रोपवे परियोजना के रूप में पहचान बना रही वाराणसी रोपवे अपने अंतिम चरण में है और माना जा रहा है कि इसी वर्ष कुछ महीनों के भीतर इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। लेकिन इससे पहले ही रोपवे के गोंडोला का तेज हवा में झूलते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लेकर लोगों के बीच चिंता और तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
मंगलवार को कई सोशल मीडिया प्रोफाइल से साझा किए गए इस वीडियो में देखा जा सकता है कि रोपवे का एक खाली गोंडोला तेज हवा के झटकों से हिचकोले खा रहा है। वीडियो बनाने वाले की आवाज में 800 करोड़ रुपये से अधिक की इस परियोजना को लेकर दहशत और आशंका जाहिर की गई है। वीडियो में गोंडोला के हिलने की तीव्रता देखकर सड़क से गुजर रहा एक बाइक सवार भी अपना वाहन रोक देता है।
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वीडियो को साझा करते हुए कई यूजर्स ने दावा किया कि बनारस में 815 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह रोपवे हवा के दबाव में बुरी तरह हिल रहा है। लोगों ने सवाल उठाए कि यदि ट्रायल के दौरान ही गोंडोला इस तरह झूल रहा है, तो यात्रियों के बैठने पर स्थिति कैसी होगी। कुछ लोगों ने इसे संभावित हादसे से जोड़ते हुए शीर्ष अधिकारियों का ध्यान भी इस ओर आकृष्ट कराया है।
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— The Varanasi News (@thevaranasinews) January 6, 2026
हालांकि, रोपवे प्रशासन ने वायरल वीडियो को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि यह दृश्य पूरी तरह ट्रायल प्रक्रिया का हिस्सा है और इसे गलत संदर्भ में प्रस्तुत कर भ्रम फैलाया जा रहा है। प्रबंधन के अनुसार, यह वीडियो किसी भी प्रकार की तकनीकी खराबी, असुरक्षा या प्रणाली की विफलता को नहीं दर्शाता।
रोपवे प्रशासन ने बताया कि वाराणसी रोपवे प्रणाली को अंतरराष्ट्रीय मानकों, विशेष रूप से यूरोपीय सुरक्षा कोड के अनुरूप डिजाइन किया गया है। इसके संचालन से पहले और दौरान कई स्तरों पर कड़े सुरक्षा परीक्षण किए जा रहे हैं। एनएचएलएमएल (NHLML) द्वारा किया जा रहा यह ट्रायल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक योजनाबद्ध और विस्तृत प्रक्रिया का हिस्सा है।
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प्रबंधन के मुताबिक, इन परीक्षणों के दौरान आपातकालीन ब्रेकिंग सिस्टम, तेज हवा के दबाव में गोंडोला की प्रतिक्रिया, सेंसरों की सक्रियता और अन्य संभावित परिस्थितियों में प्रणाली के सुरक्षित संचालन की जांच की जाती है। वीडियो में दिखाई देने वाला झूलना किसी संरचनात्मक या यांत्रिक कमी का संकेत नहीं है, बल्कि यह यह सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है कि रोपवे हर स्थिति में सुरक्षित और प्रभावी ढंग से कार्य करे।
रोपवे प्रशासन और स्विट्जरलैंड की विशेषज्ञ टीम ने भी स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा वीडियो भ्रामक है और इससे आम लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी आवश्यक परीक्षणों के बाद ही रोपवे को आम जनता के लिए शुरू किया जाएगा।

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