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वाराणसी में प्रिंसिपल के बेटे की नशा मुक्ति केंद्र में संदिग्ध मौत, मां बोलीं—शरीर पर चोटें, यह हादसा नहीं हत्या है

वाराणसी में एक नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती युवक की संदिग्ध हालात में मौत के बाद शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। मृतक की मां ने अपने बेटे की हत्या किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पूरा मामला सारनाथ थाना क्षेत्र के मवैया स्थित जन सुधार नशा मुक्ति केंद्र का है।

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मृतक युवक की पहचान आदित्य राज गोस्वामी (26) के रूप में हुई है। वह बीएचयू से एंथ्रोपोलॉजी की पढ़ाई कर रहा था। आदित्य की मां प्रतिभा गोस्वामी चंदौली के जीजीआईसी सैयदराज की प्रिंसिपल हैं, जबकि पिता राकेश भारती गोरखपुर स्थित सोल्जर बोर्ड कार्यालय में सुपरवाइजर के पद पर तैनात हैं। परिवार मीरापुर बसहीं, थाना शिवपुर में रहता है।


27 दिसंबर को कराया गया था भर्ती


आदित्य की मां प्रतिभा गोस्वामी ने बताया कि उनका बेटा पिछले दो साल से नशे की लत का शिकार था। 27 दिसंबर को उन्होंने सारनाथ के जन सुधार नशा मुक्ति केंद्र की टीम को बुलाकर आदित्य को डिटॉक्सिफिकेशन के लिए वहां एडमिट कराया था।


मिलने नहीं दिया गया, CCTV में दिखाया गया दूसरा बच्चा


मृतक की मौसी चंदा देवी ने बताया कि बहन ने बेटे से मिलने और कंबल देने के लिए केंद्र पर फोन किया था, लेकिन रविवार होने की वजह से मिलने से मना कर दिया गया। सोमवार को जब प्रतिभा गोस्वामी कंबल लेकर केंद्र पहुंचीं तो उन्हें ऑफिस में रोक लिया गया और कहा गया कि बेटा सो रहा है, उसे जगाया गया तो वह अग्रेसिव हो जाएगा।

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मंगलवार को दोबारा मिलने पहुंचने पर भी आदित्य से मिलने नहीं दिया गया। जब मां ने CCTV फुटेज दिखाने की बात कही तो कंबल ओढ़कर बैठे एक बच्चे को दिखाया गया, जिसे देखकर उन्हें शक हुआ।


सुबह 8 बजे आया फोन, अस्पताल पहुंचने पर हो चुकी थी मौत


मौसी चंदा देवी के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे प्रतिभा गोस्वामी के मोबाइल पर कॉल आई और बताया गया कि आदित्य बेहोश हो गया है और उसे मवैया स्थित दीर्घायु अस्पताल के ICU में भर्ती कराया गया है। परिजन जब भागकर अस्पताल पहुंचे तो कुछ लोग आदित्य को स्ट्रेचर से उतारकर स्विफ्ट डिजायर कार में डालते नजर आए। कुछ ही देर में आदित्य की मौत की पुष्टि कर दी गई।




सारनाथ इंस्पेक्टर पंकज कुमार त्रिपाठी ने बताया कि युवक को 27 दिसंबर को नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार को तबीयत बिगड़ने के बाद उसकी मौत हो गई। परिवार ने थर्ड डिग्री टॉर्चर का आरोप लगाया है, जबकि नशा मुक्ति केंद्र का कहना है कि युवक को छत से गिरने से चोट लगी थी। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।