मणिकर्णिका घाट प्रकरण: मंत्री रविंद्र जायसवाल का बयान, मूर्ति सुरक्षित, ठेकेदार पर गिरेगी गाज
वाराणसी के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले मणिकर्णिका घाट के जीर्णोद्वार को लेकर चल रहे विवाद पर अब उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री रविंद्र जायसवाल का बयान सामने आया है। मंत्री ने स्वीकार किया है कि जीर्णोद्वार कार्य के दौरान मणिकर्णिका घाट स्थित मणि को तोड़ा गया है, हालांकि उन्होंने इसके पीछे ठेकेदार की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया।
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रविंद्र जायसवाल ने स्पष्ट किया कि मणि के अंदर मौजूद प्राचीन मूर्ति को सुरक्षित निकालकर संरक्षित कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह किसी साजिश का हिस्सा नहीं था, बल्कि निर्माण कार्य के दौरान ठेकेदार की गंभीर लापरवाही के कारण यह घटना हुई। मंत्री ने यह भी भरोसा दिलाया कि मणि का पुनर्निर्माण पूरा होने के बाद उसी मूर्ति को विधिवत पुनः स्थापित किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि इस मामले में दोषी ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो, इसके लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं।
विपक्ष द्वारा किए जा रहे विरोध पर पलटवार करते हुए रविंद्र जायसवाल ने कहा कि इससे पहले भी काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का विपक्ष ने विरोध किया था, लेकिन आज वही परियोजना काशी की पहचान और गौरव बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष बेवजह धार्मिक भावनाओं को भड़काने की कोशिश कर रहा है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर मंत्री ने दावा किया कि कई वीडियो AI जनरेटेड हैं, जिन्हें जानबूझकर फैलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि “ये वही विपक्ष के लोग हैं जो गोल टोपी पहनते हैं और हर विकास कार्य का विरोध करते हैं।”
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मंत्री के इस बयान के बाद मणिकर्णिका घाट जीर्णोद्वार विवाद ने एक नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है। वहीं, प्रशासन अब पूरे मामले की जांच और आगे की कार्रवाई की तैयारी में जुटा हुआ है।


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