मनरेगा बचाओ आंदोलन से पहले अजय राय हाउस अरेस्ट, कांग्रेस नेताओं पर कार्रवाई से सियासी हलचल
राष्ट्रव्यापी मनरेगा बचाओ आंदोलन के तहत 11 जनवरी सुबह 10 बजे टाउनहॉल, मैदागिन स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के समीप प्रस्तावित प्रतीक उपवास से पहले उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को हाउस अरेस्ट कर लिया गया। इस कार्रवाई के बाद वाराणसी की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि आंदोलन से पहले बनारस में पार्टी के जिलाध्यक्ष सहित कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को उनके घरों में रोका गया, जबकि कई नेताओं के आवासों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई।
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कांग्रेस का कहना है कि यह कदम शांतिपूर्ण, गांधीवादी और लोकतांत्रिक आंदोलन को दबाने का प्रयास है।
हाउस अरेस्ट के दौरान अजय राय ने कहा—
“मनरेगा गरीबों और मजदूरों की जीवनरेखा है। इसे कमजोर किए जाने के खिलाफ कांग्रेस पूरे देश में शांतिपूर्ण आंदोलन कर रही है।
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वाराणसी में प्रस्तावित प्रतीक उपवास पूरी तरह लोकतांत्रिक था, इसके बावजूद मुझे मेरे लहुराबीर स्थित आवास पर हाउस अरेस्ट कर लिया गया और हमारे कार्यकर्ताओं को रोका जा रहा है।
कांग्रेस न कभी झुकी है और न झुकेगी, जनता के अधिकारों की लड़ाई हर हाल में जारी रहेगी।”
कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताया और कहा कि इस तरह की कार्रवाई से सरकार की मंशा स्पष्ट होती है।


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