वाराणसी में शंकराचार्य विवाद पर सियासी हलचल, सवालों से बचते दिखे डिप्टी सीएम बृजेश पाठक; BJP प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने दिया बयान
उत्तर प्रदेश में शंकराचार्य विवाद और ब्राह्मण राजनीति को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। इसी कड़ी में डिप्टी सीएम बृजेश पाठक गुरुवार को वाराणसी पहुंचे, जहां मीडिया ने उनसे शंकराचार्य विवाद और प्रयागराज में बटुकों के सम्मान से जुड़े मुद्दे पर सवाल पूछने की कोशिश की। हालांकि, डिप्टी सीएम इस सवाल पर सीधे जवाब देने से बचते नजर आए और संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए आगे बढ़ गए।
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डिप्टी सीएम बृजेश पाठक वाराणसी के सारनाथ स्थित बीजेपी के केंद्रीय प्रशिक्षण शिविर में शामिल होने पहुंचे थे। इससे पहले उन्होंने प्रयागराज में 101 बटुकों को बुलाकर उनका सम्मान किया था, जिसके बाद प्रदेश की राजनीति में खासकर ब्राह्मण समाज को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। राजनीतिक जानकार इसे ब्राह्मण समाज को साधने की कोशिश के तौर पर देख रहे हैं।
प्रशिक्षण शिविर में शामिल हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला
इसी प्रशिक्षण कार्यशाला में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला भी वाराणसी पहुंचे। उन्होंने बटुकों के सम्मान और उससे जुड़े विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
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प्रेम शुक्ला ने कहा कि किसी भी नागरिक का अपमान नहीं होना चाहिए। उन्होंने प्रयागराज की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि जो कुछ हुआ वह गलत था और इस मामले में कार्रवाई होनी चाहिए।
ब्राह्मण राजनीति को लेकर बढ़ी हलचल
बटुकों के सम्मान और शंकराचार्य विवाद के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में ब्राह्मण समाज को लेकर नई हलचल देखी जा रही है। भाजपा के इस कदम को ब्राह्मण वर्ग को संदेश देने की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है।
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फिलहाल, डिप्टी सीएम बृजेश पाठक की ओर से शंकराचार्य विवाद पर स्पष्ट बयान नहीं आने से राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर जारी है। वहीं, भाजपा नेताओं के बयान के बाद यह मुद्दा आने वाले समय में और अधिक राजनीतिक रूप ले सकता है।

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