शिक्षकों की बदलेगी तकदीर: वाराणसी में महासभा का बड़ा अभियान, हर शिक्षक तक पहुंचने का प्लान
वाराणसी में बुधवार को माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा द्वारा आयोजित शिक्षक संवाद कार्यक्रम में शिक्षकों की दशा और दिशा बदलने का शंखनाद किया गया। इस दौरान संगठन की नई जिला टीम की घोषणा की गई तथा ब्लॉक और तहसील स्तर पर शिक्षकों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं। कार्यक्रम में हर शिक्षक को मतदाता बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष एवं वाराणसी शिक्षक निर्वाचन खंड की प्रभारी ऋतिका दुबे ने नवगठित कार्यकारिणी को शपथ दिलाई और मनोनयन पत्र वितरित किए।
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संगठन में पहली बार महिला इकाई को नए स्वरूप में प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही प्रधानाचार्य परिषद और प्रबंधक परिषद की सूची भी जारी की गई।
शहर के एक कॉलेज में आयोजित इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ऋतिका दुबे ने कहा कि वाराणसी और मिर्जापुर मंडल में वित्तविहीन शिक्षकों की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है, जिसे बदलने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज की रीढ़ होते हैं और देश के भविष्य का निर्माण करते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
उन्होंने कहा कि समान कार्य के लिए समान वेतन मिलना चाहिए।
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महासभा वित्तविहीन शिक्षकों के लिए नामावली में शामिल करने, सरकारी मान्यता, नियमित मानदेय और कैशलेस इलाज जैसी मांगों को लेकर सड़क से संसद तक आवाज उठाएगी।
ऋतिका दुबे ने यह भी कहा कि शिक्षकों के समर्थन से चुनकर गए जनप्रतिनिधियों ने उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया, जिससे हालात और बिगड़ गए हैं। उन्होंने अगले छह महीनों में हर स्कूल, हर शिक्षक और हर प्रधानाचार्य तक पहुंचने की कार्ययोजना भी प्रस्तुत की।
कार्यक्रम के दौरान नव नियुक्त पदाधिकारियों को पटका पहनाकर और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। उन्हें संगठन के उद्देश्यों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी गई।


