सूर्या, अमाया, रिवातास और मदीन होटल को नोटिस—वाटर हार्वेस्टिंग में भारी लापरवाही, 7 दिन का अल्टीमेटम
वाराणसी में बढ़ती गर्मी और गिरते भूजल स्तर को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त हो गया है। इसी क्रम में भूगर्भ जल विभाग (ग्राउंड वाटर डिपार्टमेंट) ने शहर के बड़े होटलों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की जांच के बाद चार होटलों को नोटिस जारी किया है। विभाग ने इन होटलों को सात दिन के भीतर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का अल्टीमेटम दिया है, अन्यथा विधिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
दरअसल, कैंटोनमेंट क्षेत्र स्थित कई प्रमुख होटलों—रेडिसन, अमाया, क्लार्क, सूर्या, रिवातास, मदीन और बनारस होटल—का निरीक्षण किया गया था।
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इस दौरान अधिकारियों ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और भूजल संरक्षण से जुड़ी व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की।
निरीक्षण के दौरान होटल सूर्या, अमाया, रिवातास और मदीन में गंभीर खामियां पाई गईं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इन होटलों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम या तो ठीक से काम नहीं कर रहा था या फिर उसका रख-रखाव बेहद खराब स्थिति में था। कई जगहों पर सिस्टम केवल औपचारिकता के तौर पर लगाए गए थे, जिनमें कीचड़ जमा मिला।
सीनियर हाइड्रोलॉजिस्ट डॉ. नम्रता ने बताया कि जांच के दौरान सबमर्सिबल पंप पर लगे फ्लोमीटर की कार्यक्षमता भी परखी गई। साथ ही रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की स्थिति का भी आकलन किया गया,
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ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बारिश का पानी सही तरीके से संरक्षित हो रहा है या नहीं।
उन्होंने कहा कि सात होटलों में से चार में मानकों का उल्लंघन पाया गया, जिसके चलते नोटिस जारी किया गया है। यदि निर्धारित सात दिनों के भीतर सुधार नहीं किया गया, तो संबंधित होटलों के खिलाफ कड़ी विधिक कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार गर्मी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए जल संरक्षण को लेकर विशेष अभियान चला रही है। होटलों और बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य किया गया है, ताकि भूजल स्तर को संतुलित रखा जा सके और भविष्य में पानी की समस्या से बचा जा सके।


