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डिप्टी सीएम का करीबी बताकर 7 लाख की कथित ठगी के आरोपित प्रॉपर्टी डीलरों को अग्रिम जमानत

डिप्टी सीएम का करीबी होने का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये की कथित धोखाधड़ी करने के मामले में आरोपित दो प्रॉपर्टी डीलरों को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अपर जिला जज (षष्ठम) आलोक कुमार की अदालत ने चंदौली के शेरूका निवासी मृत्युंजय सिंह तथा बड़ागांव के धरमपुर निवासी शिवकुमार को अग्रिम जमानत प्रदान की है। अदालत ने आदेश दिया कि यदि पुलिस दोनों आरोपितों को गिरफ्तार करती है तो एक-एक लाख रुपये की दो-दो जमानतें एवं बंधपत्र प्रस्तुत करने पर उन्हें रिहा किया जाएगा।


बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता गोपाल कृष्ण एवं विकास सिंह ने अदालत में पक्ष रखा।


अभियोजन के अनुसार, वादी चन्द्रशेखर राजभर ने बड़ागांव थाने में दर्ज कराई गई प्राथमिकी में आरोप लगाया कि 5 मार्च 2023 को बाबतपुर में उनकी मुलाकात मृत्युंजय सिंह और शिवकुमार से हुई। दोनों ने स्वयं को रियल एस्टेट कारोबारी बताते हुए जेबीएस प्रॉपर्टी प्राइवेट लिमिटेड और शक्ति कैपिटल नामक कंपनियों का संचालक बताया। साथ ही खुद को प्रदेश के डिप्टी सीएम का करीबी बताकर बाबतपुर क्षेत्र में जमीन दिलाने और निवेश पर अच्छा मुनाफा देने का भरोसा दिलाया।

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शिकायत के मुताबिक, आरोपितों के झांसे में आकर वादी ने 15 अप्रैल 2023 से 31 अगस्त 2023 के बीच शक्ति कैपिटल के खाते में चेक के माध्यम से कुल 7 लाख रुपये जमा किए। इसके अलावा अपने कुछ रिश्तेदारों से भी निवेश कराया। आरोप है कि रकम लेने के बावजूद न तो जमीन उपलब्ध कराई गई और न ही धन वापस किया गया।


वादी का आरोप है कि शुरुआती दो-तीन महीनों तक कुछ भुगतान किया गया, लेकिन बाद में किस्तें बंद कर दी गईं। जब रुपये वापस मांगे गए तो आरोपितों ने भुगतान से साफ इनकार कर दिया और कथित रूप से गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी।

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एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि दोनों आरोपी अलग-अलग शहरों में कंपनियों के नाम बदलकर जमीन दिलाने के नाम पर लोगों से धन जुटाते हैं और झूठे आश्वासन देकर धोखाधड़ी करते हैं। इसी शिकायत के आधार पर बड़ागांव पुलिस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।


हालांकि, मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों आरोपितों की अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार करते हुए गिरफ्तारी की स्थिति में उन्हें निर्धारित शर्तों के साथ अग्रिम जमानत का लाभ देने का आदेश दिया है। मामले की जांच अभी जारी है।