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राहुल गांधी के बाद अब अखिलेश यादव का 'भगवान' अवतार, वाराणसी में श्रीकृष्ण रूप वाले पोस्टर पर सियासत तेज

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के 53वें जन्मदिन पर बुधवार को वाराणसी में एक विवादित पोस्टर चर्चा का विषय बन गया। समाजवादी पार्टी युवजन सभा के कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव को भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप में दर्शाते हुए उनकी पूजा-अर्चना की। पोस्टर में अखिलेश यादव चार भुजाओं वाले श्रीकृष्ण के रूप में दिखाई दे रहे हैं और उनके हाथ में चक्र की जगह भारतीय संविधान दिखाया गया है।

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सीरगोवर्धनपुर क्षेत्र में सुबह करीब 7 बजे वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन-पूजन किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव की दीर्घायु और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में सफलता की कामना की।


समाजवादी पार्टी युवजन सभा के प्रदेश महासचिव अजय फौजी ने कहा कि अखिलेश यादव हमेशा न्याय के पक्ष में और अन्याय के खिलाफ खड़े रहे हैं। इसी भावना को दर्शाने के लिए उन्हें भगवान श्रीकृष्ण का स्वरूप दिया गया है। उन्होंने कहा कि चक्र की जगह संविधान इसलिए दिखाया गया है क्योंकि आज के समय में संविधान ही न्याय का सबसे बड़ा प्रतीक है।

अजय फौजी ने कहा, "हमारे लिए अखिलेश यादव ही श्रीकृष्ण हैं। जिस तरह भगवान श्रीकृष्ण ने अन्याय के विरुद्ध संघर्ष किया, उसी तरह अखिलेश यादव भी प्रदेश में अन्याय, पेपर लीक, महिलाओं पर अत्याचार और अन्य जनहित के मुद्दों पर लगातार आवाज उठाते रहे हैं।"


उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी और जनता अखिलेश यादव के कार्यों पर भरोसा जता रही है।


राहुल गांधी के बाद फिर सामने आया ऐसा पोस्टर


गौरतलब है कि कुछ दिन पहले राहुल गांधी के जन्मदिन पर भी वाराणसी में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने उन्हें भगवान परशुराम के स्वरूप में दर्शाते हुए पोस्टर जारी किया था। उस पोस्टर को लेकर भी राजनीतिक और सामाजिक हलकों में काफी चर्चा हुई थी। अब राहुल गांधी के बाद अखिलेश यादव को भगवान श्रीकृष्ण के रूप में दिखाने वाला पोस्टर सामने आने के बाद यह एक बार फिर बहस का विषय बन गया है।

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हालांकि, इस पोस्टर को लेकर अब तक किसी प्रशासनिक कार्रवाई या आधिकारिक शिकायत की जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन धार्मिक प्रतीकों के साथ राजनीतिक नेताओं को जोड़ने वाले ऐसे पोस्टर अक्सर विवाद और चर्चाओं का कारण बनते रहे हैं।