लहरी से मिलने पहुंचे तो पता चला कि कोई अप्रिय घटना हुई है: रविंद्र जायसवाल; मामले में दो जांच कमेटियां, दोनों में BHU के ही डॉक्टर और अफसर
बीएचयू में भर्ती पद्मश्री डॉ. टी.के. लहरी से मिलने पहुंचे राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल ने इलाज के दौरान हुई कथित घटना को लेकर चिंता जताई है। राज्यमंत्री ने रविवार देर रात अपने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से डॉ. लहरी से मुलाकात और इसके बाद अधिकारियों को दिए गए निर्देशों की जानकारी साझा की।
राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल के मुताबिक, डॉ. टी.के. लहरी से मुलाकात के दौरान उनकी आंखों में कुछ लालिमा दिखाई दी। उन्होंने डॉ. लहरी से इस संबंध में पूछा तो उन्होंने इशारे में आंख में किसी तरह की परेशानी से इनकार करते हुए खुद को स्वस्थ बताया। हालांकि, राज्यमंत्री ने कहा कि डॉ. लहरी का इशारा उन्हें ठीक नहीं लगा। इसी दौरान उन्हें इलाज के दौरान किसी अप्रिय घटना की जानकारी मिली।
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डॉ. अरविंद कुमार पांडे ने आरोपों से किया इनकार
वहीं, मामले में जिन डॉ. अरविंद कुमार पांडे पर आरोप लगाए जा रहे हैं, उनसे दी वाराणसी न्यूज के संवाददाता आशुतोष तिवारी ने टेलीफोनिक वार्ता की। बातचीत के दौरान डॉ. अरविंद कुमार पांडे ने लगाए जा रहे आरोपों को पूरी तरह मिथ्या बताया और किसी भी तरह की मारपीट की घटना से साफ इनकार किया।
डॉ. पांडे ने कहा कि उनके द्वारा डॉ. टी.के. लहरी के साथ किसी प्रकार की मारपीट नहीं की गई है। उन्होंने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को गलत बताया।
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दो जांच कमेटियां, दोनों में बीएचयू के ही अधिकारी
इस मामले में एक और सवाल जांच की निष्पक्षता को लेकर उठ रहा है। डॉ. टीके लहरी प्रकरण की जांच के लिए दो अलग-अलग कमेटियों के गठन की बात सामने आई है। एक कमेटी बीएचयू प्रशासन की ओर से गठित की गई है, जबकि दूसरी कमेटी के गठन के निर्देश राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल ने दिए हैं।
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बीएचयू प्रशासन की ओर से गठित जांच कमेटी में कार्डियोलॉजी विभाग के प्रो. विकास अग्रवाल, मेडिसिन विभाग के प्रो. एलपी मीना, मानसिक रोग विभाग के प्रो. अच्युत पांडेय, जिरियाट्रिक मेडिसिन के प्रो. एसएस वक्रवर्ती, न्यूरोलॉजी विभाग के प्रो. अभिषेक पाठक, क्रिटिकल केयर के प्रो. विक्रम गुप्ता और टीवी एंड चेस्ट रोग विभाग के डॉ. अतुल तिवारी शामिल हैं।



