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‘हैलो, PM सर बात करेंगे…’ अचानक वाराणसी के अफसरों के पास आया PM मोदी का फोन, गंगा-वरुणा की बाढ़ का लिया जायजा

गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच प्रधानमंत्री और वाराणसी के सांसद नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को जिले में बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। प्रधानमंत्री ने वाराणसी के मेयर और जिलाधिकारी से फोन पर सीधे बातचीत कर शहर के मौजूदा हालात, प्रभावित इलाकों और राहत-बचाव की तैयारियों की जानकारी ली। अधिकारियों के पास अचानक प्रधानमंत्री का फोन आने से कुछ देर के लिए हलचल मच गई।

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प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से पूछा कि शहर में बाढ़ की स्थिति कैसी है और प्रभावित लोगों के लिए राहत एवं बचाव के इंतजाम किस तरह चल रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि बाढ़ के कारण आम लोगों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए प्रशासन हरसंभव कदम उठाए। साथ ही राहत कार्यों में किसी तरह की कमी नहीं रहने देने को कहा।


केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक वाराणसी में गंगा का जलस्तर 70.29 मीटर दर्ज किया गया है। वाराणसी में गंगा का चेतावनी स्तर 70.26 मीटर है। इस तरह नदी का पानी चेतावनी बिंदु से ऊपर पहुंच चुका है। हालांकि गंगा अभी खतरे के निशान 71.26 मीटर से नीचे बह रही है।


जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर गंगा में नावों के संचालन पर रोक लगा दी है। घाटों और नदी किनारे के इलाकों में भी निगरानी बढ़ा दी गई है।

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प्रधानमंत्री को अधिकारियों ने गंगा और वरुणा नदी के जलस्तर के साथ-साथ जलभराव से प्रभावित इलाकों और राहत व्यवस्था की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत के अनुसार प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

वाराणसी में बाढ़ की चिंता केवल गंगा तक सीमित नहीं है। वरुणा नदी के आसपास के इलाकों में भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन के मुताबिक करीब 11 इलाके और वार्ड आंशिक रूप से प्रभावित हुए हैं।


वरुणा नदी में आई बाढ़ से करीब 328 परिवारों के 1,388 लोग प्रभावित हुए हैं। इन क्षेत्रों में पानी की स्थिति पर लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन ने जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी भी की है।

बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए प्रशासन ने 13 राहत शिविर तैयार किए हैं। इन शिविरों में फिलहाल 219 परिवारों के 935 लोग रह रहे हैं। शिविरों में रह रहे लोगों के लिए आवश्यक सुविधाओं और व्यवस्थाओं का इंतजाम किया जा रहा है।

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प्रशासन का कहना है कि अगर जलस्तर और बढ़ता है या किसी इलाके में स्थिति बिगड़ती है तो अतिरिक्त लोगों को भी तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा।


जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने संबंधित अधिकारियों को लगातार अलर्ट रहने और जलस्तर के साथ प्रभावित इलाकों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों में जरूरत के मुताबिक तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है।

वाराणसी में गंगा का पानी भले ही चेतावनी बिंदु को पार कर चुका हो, लेकिन अभी जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है। गंगा का मौजूदा जलस्तर 70.29 मीटर है, जबकि खतरे का निशान 71.26 मीटर है।


इसके बावजूद प्रशासन किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क है। जलस्तर में लगातार बदलाव को देखते हुए घाटों, नदी किनारे के क्षेत्रों और जलभराव वाले इलाकों में निगरानी जारी है।


प्रधानमंत्री मोदी ने भी अधिकारियों से कहा है कि राहत और बचाव कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और बाढ़ प्रभावित नागरिकों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराई जाए।