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बीएचयू में 17 दिन बाद खत्म हुआ एबीवीपी का धरना, कुलपति पहुंचे छात्रों के बीच; जांच तक चीफ प्रॉक्टर की शक्तियां वापस

काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में विभिन्न मांगों को लेकर केंद्रीय कार्यालय पर चल रहा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) का धरना शनिवार को 17 दिन बाद समाप्त हो गया। पिछले तीन दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों ने भी अपना अनशन खत्म कर दिया। छात्रों की भूख हड़ताल समाप्त कराने के लिए विश्वविद्यालय के कुलपति स्वयं केंद्रीय कार्यालय पहुंचे। विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों के बीच कई दौर की वार्ता के बाद मांगों पर सहमति बनने के बाद आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया गया।

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एबीवीपी के छात्र मुख्य प्रॉक्टर से जुड़े विवाद, अनुशासनात्मक कार्रवाई, परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे लगाने, स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था और अन्य समस्याओं को लेकर आंदोलन कर रहे थे। छात्रों की मांगों पर विश्वविद्यालय प्रशासन और संबंधित समिति के बीच हुई बैठकों में विस्तार से चर्चा की गई। इसके बाद कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।


जांच तक मुख्य प्रॉक्टर के पास नहीं रहेंगी छात्र मामलों की शक्तियां


आंदोलन के दौरान छात्रों की प्रमुख मांग मुख्य प्रॉक्टर से जुड़े मामले की जांच कराने और छात्र मामलों में उनकी शक्तियों को लेकर थी। बैठक में निर्णय लिया गया कि जांच समिति गठित होने के बाद मुख्य प्रॉक्टर छात्र मामलों से संबंधित शक्तियों का प्रयोग नहीं करेंगे। ऐसे मामलों में निर्णय लेने का अधिकार कुलपति के पास रहेगा। इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना 12 अक्टूबर को जारी की जाएगी।

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इसके साथ ही विश्वविद्यालय की अनुशासनात्मक कार्रवाई से असंतुष्ट छात्रों की अपील पर सुनवाई किए जाने पर भी सहमति बनी है। छात्रों का कहना था कि ऐसे मामलों में उनकी शिकायतों और पक्ष को उचित तरीके से सुना जाना चाहिए।


12 सितंबर की घटना की जांच के लिए बनेगी समिति


बैठक में 12 सितंबर 2026 को पीएल ओंकारनाथ ठाकुर सभागार की बुकिंग से जुड़े मामले और मुख्य प्रॉक्टर के खिलाफ मिली शिकायतों की जांच के लिए समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। छात्र इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग कर रहे थे।


अंधेरे वाले स्थानों पर लगेंगे सीसीटीवी कैमरे, स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था होगी दुरुस्त


विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए अंधेरे वाले स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने और स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर सहमति बनी। प्रशासन की ओर से बताया गया कि इस दिशा में व्यापक स्तर पर काम किया जा रहा है। अत्यधिक संवेदनशील स्थानों पर प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएंगी।


मधुबन में 24 घंटे सुरक्षा, खेल मैदानों में अनधिकृत गतिविधियों पर कार्रवाई


बैठक में विश्वविद्यालय के खेल मैदानों में बाहरी लोगों के प्रवेश, अनधिकृत गतिविधियों और अराजकता से जुड़ी समस्याओं पर भी चर्चा हुई। इन मामलों में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया। वहीं, मधुबन क्षेत्र में चौबीसों घंटे सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जरूरी इंतजाम किए जाएंगे।

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विश्वविद्यालय परिसर में संचालित खाद्य स्टॉलों के संचालकों और विक्रेताओं को निर्धारित दरों तथा दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा। इसके अलावा सुरक्षा गार्डों के वेतन से संबंधित मामले की भी निर्धारित नियमों के तहत समीक्षा की जाएगी।


45 दिनों में मांगें पूरी करने का प्रयास, महीने में दो बार होगी समीक्षा


छात्रों की शेष मांगों पर कार्रवाई के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से समयसीमा के भीतर प्रयास करने का आश्वासन दिया गया। सभी मांगों पर अगले 45 दिनों में कार्रवाई पूरी करने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। निर्णयों के क्रियान्वयन और प्रगति की समीक्षा महीने में दो बार की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सहमति के आधार पर लिए गए फैसलों पर कितना काम हुआ है।


विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ वार्ता में मांगों पर सहमति बनने के बाद एबीवीपी ने 17 दिनों से चल रहे धरने और तीन दिनों से जारी भूख हड़ताल को समाप्त कर दिया। अब छात्रों की निगाहें जांच समिति के गठन, 12 अक्टूबर को जारी होने वाली अधिसूचना और तय समयसीमा में मांगों पर होने वाली कार्रवाई पर रहेंगी।