फर्जी ट्रेडिंग कॉल सेंटर का भंडाफोड़, वाराणसी पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह को किया बेनकाब
साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत वाराणसी पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का खुलासा करते हुए सरगना समेत 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह फर्जी कॉल सेंटर के माध्यम से देश के अलग-अलग राज्यों में लोगों को निशाना बना रहा था।
एडीसीपी साइबर क्राइम नीतू कात्यान ने बताया कि जांच में सामने आया है कि आरोपी फेसबुक, इंस्टाग्राम और गूगल जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नामी कंपनियों के नाम से भ्रामक विज्ञापन चलाते थे। इन विज्ञापनों के जरिए निवेशकों को ज्यादा रिटर्न का लालच देकर संपर्क में लिया जाता था। बाद में खुद को ट्रेडिंग एक्सपर्ट बताकर कॉल की जाती थी और पीड़ितों से डीमैट अकाउंट की लॉगिन जानकारी हासिल कर ली जाती थी।
![]() |
| विज्ञापन |
लॉगिन मिलने के बाद आरोपी डीमैट अकाउंट में फर्जी खरीद-फरोख्त दिखाकर निवेशकों को भ्रमित करते थे। इसके जरिए अकाउंट पर पूरा नियंत्रण स्थापित कर लिया जाता था और उसमें मौजूद रकम को म्यूल बैंक खातों में ट्रांसफर कर निकाल लिया जाता था, जिससे पीड़ितों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था।
23 से 25 वर्ष के युवक चला रहे थे ठगी का नेटवर्क
फर्जी ट्रेडिंग कॉल सेंटर का भंडाफोड़, वाराणसी पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह को किया बेनकाब@Uppolice @varanasipolice #TheVaranasiNews #Varanasi #VaranasiNews pic.twitter.com/VgINZsbkLt
— The Varanasi News (@thevaranasinews) December 31, 2025
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार सभी आरोपी 23 से 25 वर्ष की उम्र के हैं और उत्तर प्रदेश सहित कई अन्य राज्यों से जुड़े हुए हैं। गिरोह का मुख्य सरगना भी पुलिस की गिरफ्त में है। पूछताछ में ठगी से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं और अन्य पीड़ितों की पहचान की जा रही है।
लग्जरी वाहन से लेकर डिजिटल उपकरण तक बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से 20 मोबाइल फोन, 7 सिम कार्ड, 30 एटीएम/डेबिट/क्रेडिट कार्ड, 3 लैपटॉप, 2 महिंद्रा थार वाहन, 24 ग्राम पीली धातु (कीमत करीब 3.5 लाख रुपये) और ₹4,88,920 नकद बरामद किए हैं। इसके साथ ही आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, चेकबुक और पासबुक जैसे कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।
![]() |
| विज्ञापन |
इस मामले में थाना साइबर क्राइम कमिश्नरेट वाराणसी में भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
इन अधिकारियों और पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में डीसीपी अपराध सरवणन टी, एडीसीपी साइबर क्राइम नीतू कात्यान और एसीपी विदुष सक्सेना के निर्देशन में पुलिस टीम ने अहम भूमिका निभाई। टीम में प्रभारी निरीक्षक गोपाल जी कुशवाहा, निरीक्षक राजेश कुमार गौतम, उपनिरीक्षक राजेश भदौरिया, विवेक सिंह, शैलेंद्र कुमार, सहायक उपनिरीक्षक गौरव तोमर सहित कई अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे।

.jpg)
