बरेका मैदान में युद्ध जैसा मंजर, बम धमाके और ड्रोन हमले की मॉक ड्रिल से हिली वाराणसी
वाराणसी के बरेका मैदान में युद्ध जैसे हालात से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए शुक्रवार को व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह ड्रिल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान हुई मॉक ड्रिल की तर्ज पर की गई, जिसमें ड्रोन से हवाई हमले, बम धमाके और आगजनी जैसे हालात का वास्तविक दृश्य प्रस्तुत किया गया।
![]() |
| विज्ञापन |
ड्रिल शुरू होते ही अचानक तेज धमाकों की आवाज गूंजी और पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। करीब दो मिनट तक सायरन बजता रहा। मॉक सीन के तहत कई लोग घायल होकर जमीन पर गिर पड़े—किसी के हाथ तो किसी के सिर में चोट दिखाई गई। चारों ओर चीख-पुकार और भगदड़ जैसा दृश्य नजर आया।
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस और पुलिस की गाड़ियां हूटर बजाती हुई मौके पर पहुंचीं। रेस्क्यू ऑपरेशन तुरंत शुरू किया गया। घायलों को मौके पर ही CPR और फर्स्ट एड दिया गया, इसके बाद उन्हें एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल भेजने की प्रक्रिया दिखाई गई।
मॉक ड्रिल के दौरान मकानों में आग लगने और लोगों के फंसे होने का सीन भी क्रिएट किया गया। राहत एवं बचाव दलों ने आग पर काबू पाने के साथ-साथ फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास किया।
![]() |
| विज्ञापन |
इस अभ्यास में सिविल डिफेंस, आपदा प्रबंधन विभाग, SDRF और NDRF की टीमें शामिल रहीं। सभी एजेंसियों के बीच समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया और संसाधनों की उपलब्धता को परखा गया।
पूरी मॉक ड्रिल की निगरानी के लिए जिलाधिकारी वाराणसी और पुलिस कमिश्नर स्वयं मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की ड्रिल का उद्देश्य आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है, ताकि किसी वास्तविक घटना के समय जान-माल का नुकसान न्यूनतम रखा जा सके।


%20(2).jpg)