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वाराणसी पुलिस की बड़ी स्ट्राइक: कफ सिरफ तस्कर विनोद अग्रवाल की 5 करोड़ से अधिक की संपत्ति फ्रीज

नशीली दवाओं और अवैध ड्रग्स के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत वाराणसी की सारनाथ थाना पुलिस ने गुरुवार को एक बड़ी कार्यवाही को अंजाम दिया है। पुलिस टीम ने कोडीन कफ सिरफ की तस्करी से अर्जित की गई कानपुर निवासी मुख्य अभियुक्त विनोद अग्रवाल और उसके परिजनों की करीब 5,18,24,795 रुपये की चल-अचल संपत्ति को एनडीपीएस एक्ट (सफेमा) की धारा 68 (F) के तहत फ्रीज कर दिया है।


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कार्यवाही का नेतृत्व कर रहे सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) सारनाथ, विदुष सक्सेना ने बताया कि:

कोडीन कफ सिरफ तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए यह एक कठोर विधिक कार्यवाही है। अभियुक्त विनोद अग्रवाल का अवैध फर्मों 'एमके हेल्थ केयर' और 'पीडी फार्मा' के साथ लगभग 6 से 7 करोड़ रुपये का अवैध लेनदेन पाया गया है। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी ने तस्करी के जरिए भारी संपत्ति अर्जित की थी। आज राजस्व टीम की मौजूदगी में कानपुर स्थित इन संपत्तियों पर फ्रीज करने के बैनर और पोस्टर लगाकर आम जनता को सूचित कर दिया गया है कि इनका खरीद-फरोख्त या उपभोग पूरी तरह प्रतिबंधित है।


जब्त की गई संपत्तियों का विवरण

पुलिस द्वारा फ्रीज की गई मुख्य संपत्तियों में कानपुर नगर के पॉश इलाकों के मकान और भूखंड शामिल हैं:

गोपाल विहार, सिविल लाइन्स: विनोद अग्रवाल के नाम पर दर्ज 1.50 करोड़ का आवासीय मकान।  

एमराल्ड गुलिस्तान, जाजमऊ: 30.31 लाख रुपये कीमत का प्लॉट।  

सिविल लाइन्स (परिसर संख्या 14/75): 67.50 लाख रुपये का एक अन्य आवासीय मकान।  

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दहेली सुजानपुर: अभियुक्त के पुत्र शिवम अग्रवाल के नाम पर दर्ज 1.22 करोड़ का मकान।  

बिरहन रोड: अभियुक्त की पत्नी सविता अग्रवाल के नाम पर दर्ज 1.11 करोड़ का व्यावसायिक/आवासीय भवन।  

बैंक खाता: आईसीआईसीआई बैंक शाखा में मौजूद 37,42,995 रुपये की नकदी भी फ्रीज की गई है।


तस्करी का नेटवर्क और पुलिस टीम

अभियुक्त विनोद अग्रवाल कानपुर के कलेक्टर गंज थाने में दर्ज मुकदमे में भी मुख्य आरोपी है। इस पूरी कार्यवाही की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी कराई गई है। 

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इस सफल कार्यवाही में एसीपी विदुष सक्सेना के साथ थानाध्यक्ष पंकज कुमार त्रिपाठी, उप-निरीक्षक अजय कुमार, हेड कांस्टेबल ओमकार सिंह और कांस्टेबल सौरभ तिवारी की मुख्य भूमिका रही।