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गंगा की लहरों पर नियमों की धज्जियां: बनारस में बिना लाइफ जैकेट चलती नाव पर हुआ योग, बड़े हादसे को न्योता

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जहां देशभर में योग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, वहीं धर्मनगरी वाराणसी में सुरक्षा मानकों की अनदेखी का एक मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में गंगा नदी के बीचों-बीच चल रही एक बड़ी नाव (बजड़े) पर दर्जनों लोगों को बिना लाइफ जैकेट पहने योग और ध्यान करते देखा जा सकता है।

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वायरल वीडियो में सफेद पोशाक पहने महिला और पुरुष प्रतिभागियों का एक बड़ा समूह गंगा की लहरों के बीच नाव पर बनाए गए अस्थायी पंडाल के नीचे योगाभ्यास, प्राणायाम और ध्यान करता दिखाई दे रहा है। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागी संगीत की धुन पर ताली बजाते और झूमते हुए भी नजर आ रहे हैं।



 हालांकि वीडियो में यह भी दिखाई देता है कि नाव के पिछले हिस्से में बैठे कुछ लोगों ने लाइफ जैकेट पहन रखी है, लेकिन योग और प्राणायाम में शामिल अधिकांश प्रतिभागी बिना लाइफ जैकेट के नजर आ रहे हैं। ऐसे में सुरक्षा नियमों का पूर्ण रूप से पालन होता नहीं दिखाई देता। जबकि गंगा में नौकायन और जल परिवहन से जुड़े सुरक्षा नियमों के तहत लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य माना जाता है। 


गौरतलब है कि वाराणसी प्रशासन और जल पुलिस समय-समय पर गंगा में नौका संचालन के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी करते रहे हैं। पूर्व में हुए जल हादसों के मद्देनजर यात्रियों और आयोजकों को लाइफ जैकेट पहनने की सख्त हिदायत दी जाती रही है। इसके बावजूद नदी के बीच चलती नाव पर इतने बड़े आयोजन में सुरक्षा नियमों की अनदेखी कई सवाल खड़े कर रही है।

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स्थानीय लोगों और प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि योग दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर सकारात्मक संदेश देने का प्रयास सराहनीय है, लेकिन सुरक्षा नियमों को नजरअंदाज करना किसी भी स्थिति में उचित नहीं कहा जा सकता। उनका मानना है कि यदि किसी कारणवश नाव में असंतुलन या अन्य आपात स्थिति उत्पन्न हो जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था।


फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उक्त कार्यक्रम का आयोजन किस संस्था या संगठन द्वारा किया गया था। हालांकि वीडियो के वायरल होने के बाद जल पुलिस, जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले का संज्ञान लेकर जांच करता है या नहीं।