वाराणसी के CNG पंप में लगी भीषण आग, आसमान छू रहीं 40 फीट ऊंची लपटें; गैस भरवाते समय हुआ हादसा
वाराणसी-जौनपुर हाईवे पर करखियाव गांव के पास स्थित एक CNG पंप में शुक्रवार रात करीब 9:20 बजे भीषण आग लग गई। आग इतनी विकराल थी कि उसकी लपटें करीब 40 फीट ऊंचाई तक दिखाई देने लगीं। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और पंप पर मौजूद कर्मचारी अपनी जान बचाकर मौके से भाग निकले।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब एक वाहन में CNG भरी जा रही थी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। शुरुआती तौर पर गैस लीक होने और वाहन में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है।
200 मीटर क्षेत्र खाली कराया गया
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल पंप और उसके आसपास करीब 200 मीटर के दायरे को खाली करा दिया। सिलेंडर फटने की आशंका के चलते कर्मचारियों, ग्राहकों और आसपास मौजूद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। हाईवे से गुजरने वाले वाहनों को भी रोककर सुरक्षित दूरी पर रखा गया।
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— The Varanasi News (@thevaranasinews) June 19, 2026
कर्मचारियों ने दिखाई सूझबूझ
आग लगने के तुरंत बाद पंप कर्मचारियों ने इमरजेंसी स्टॉप बटन दबाकर मुख्य स्टोरेज टैंक और कंप्रेसर से गैस सप्लाई बंद कर दी। इसके साथ ही अलार्म बजाकर सभी को बाहर निकलने की चेतावनी दी गई। कर्मचारियों ने मैन्युअल मास्टर शट-ऑफ वाल्व बंद करने का प्रयास भी किया। काफी मशक्कत के बाद वाल्व बंद किया गया, लेकिन तब तक कई छोटे पाइप और सिलेंडर आग की चपेट में आ चुके थे।
12 से अधिक दमकल गाड़ियां मौके पर
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं। आग पर काबू पाने के लिए 12 से अधिक दमकल गाड़ियों को लगाया गया। देर रात तक लगातार दमकल वाहन पानी लेकर घटनास्थल पहुंचते रहे। रात 12 बजे तक भी आग पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो सकी थी और राहत-बचाव कार्य जारी था।
सिलेंडरों को ठंडा करने में जुटी फायर ब्रिगेड
विशेषज्ञों के अनुसार CNG की आग पर सीधे पानी का प्रभाव सीमित होता है। ऐसे में फायर ब्रिगेड की टीम गैस सप्लाई बंद करने के बाद सिलेंडरों और प्रभावित हिस्सों पर लगातार पानी की बौछार कर उन्हें ठंडा करने में जुटी रही, ताकि किसी संभावित हाई-प्रेशर ब्लास्ट को रोका जा सके।
प्रशासनिक अधिकारी मौके पर डटे रहे
घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम पिंडरा प्रतिभा मिश्रा और नायब तहसीलदार राधेश्याम यादव मौके पर पहुंच गए और राहत कार्यों की निगरानी करते रहे। पुलिस और प्रशासन की टीमों ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर लोगों को सुरक्षित दूरी पर रखा।
डीसीपी गोमती ने क्या कहा?
डीसीपी गोमती नीतू कादयान ने बताया कि करखियाव स्थित CNG पंप में आग लगने की सूचना मिलते ही फायर सर्विस और पुलिस की टीमों को मौके पर भेजा गया।
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हाइड्रेंट सिस्टम ने आग फैलने से रोका
बीडी वेंचर ग्रुप के राजेश अग्रवाल और कौस्तुभ अग्रवाल ने बताया कि फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले ही पंप के हाइड्रेंट सिस्टम से लगातार पानी की आपूर्ति शुरू कर दी गई थी। इससे आग को अन्य हिस्सों में फैलने से रोकने में काफी मदद मिली।


