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वाराणसी में ऑपरेशन ‘म्यूल स्ट्राइक’: साइबर ठगी से जुड़े छह खाता धारकों पर मुकदमा, पांच बैंक खातों पर कार्रवाई

पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी द्वारा साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन म्यूल स्ट्राइक’ के तहत साइबर क्राइम सेल और विभिन्न थाना साइबर सेल की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे बैंक खातों के खिलाफ कार्रवाई की है। इस अभियान के अंतर्गत छह म्यूल अकाउंट धारकों के विरुद्ध मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जबकि पांच बैंक खातों को चिह्नित कर उन पर कार्रवाई की गई है।

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शुक्रवार को पुलिस लाइन स्थित नवीन सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में डीसीपी गोमती जोन नीतू कादयान और एसीपी साइबर अपराध विदुष सक्सेना ने अभियान की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराधी अक्सर ठगी से प्राप्त धनराशि को छिपाने और उसके लेन-देन के लिए अन्य लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल करते हैं, जिन्हें म्यूल अकाउंट कहा जाता है। ऐसे खातों की पहचान कर उनके संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

 

पुलिस के अनुसार, साइबर क्राइम सेल तथा थाना साइबर सेल सिगरा, भेलूपुर, चेतगंज और चोलापुर की संयुक्त जांच के दौरान ऐसे कई बैंक खातों का पता चला जिनका उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लेन-देन में किया जा रहा था। जांच के आधार पर छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं और पांच म्यूल खातों को चिन्हित कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई है।


अधिकारियों ने बताया कि इन खातों के संबंध में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर कुल 51 शिकायतें दर्ज हैं। जांच के दौरान इन खातों से जुड़े लगभग 2.42 करोड़ रुपये की धनराशि को होल्ड कराया गया है, ताकि पीड़ितों की रकम को सुरक्षित रखा जा सके और आगे की जांच की जा सके।

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पुलिस कमिश्नरेट का कहना है कि साइबर अपराधियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने और साइबर ठगी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ऑपरेशन म्यूल स्ट्राइक के तहत आगे भी लगातार अभियान चलाया जाएगा। साइबर अपराध में संलिप्त खातों और उनके संचालकों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को कमीशन या लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक अथवा इंटरनेट बैंकिंग सुविधा उपयोग के लिए न दें। ऐसा करना स्वयं को भी साइबर अपराध के दायरे में ला सकता है।