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50 करोड़ की जमीन केस में रिटायर्ड शिक्षक का दर्द छलका, बोले- "साजिश के तहत छीनी गई मेरी पुश्तैनी जमीन"

करीब 50 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन से जुड़े बहुचर्चित विवाद में अब सेवानिवृत्त शिक्षक ओमप्रकाश मिश्रा का बयान सामने आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी गंभीर बीमारी और असहाय स्थिति का फायदा उठाकर सुनियोजित तरीके से उनकी करोड़ों रुपये की पुश्तैनी संपत्ति पर कब्जा करने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि वह न्यायपालिका पर पूरा भरोसा रखते हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई चाहते हैं।

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ओमप्रकाश मिश्रा ने कहा कि जिस संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा है, वह उनकी मेहनत और परिवार की पुश्तैनी संपत्ति है। उनका आरोप है कि बीमारी के दौरान विश्वास का गलत लाभ उठाकर ऐसे दस्तावेज तैयार कराए गए, जिनके आधार पर संपत्ति का हस्तांतरण कर दिया गया। उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी बाद में हुई, जिसके बाद उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।

 

उन्होंने कहा कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) के आदेश के बाद रोहनिया थाने में भाजपा के वाराणसी जिला उपाध्यक्ष सुरेश सिंह, नितेश राय उर्फ सोनू समेत 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। अब उन्हें उम्मीद है कि पुलिस निष्पक्ष जांच कर पूरे मामले का सच सामने लाएगी।

सेवानिवृत्त शिक्षक ने यह भी कहा कि वह और उनका परिवार लगातार मानसिक तनाव में हैं। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच के साथ सुरक्षा की भी मांग की और कहा कि उन्हें न्याय मिलने की पूरी उम्मीद है।

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गौरतलब है कि इससे पहले इस मामले में पीड़िता प्रमिला मिश्रा ने भी परिवार की जान को खतरा बताते हुए प्रशासन से सुरक्षा की मांग की थी। वहीं, भाजपा जिला उपाध्यक्ष सुरेश सिंह सभी आरोपों को निराधार बता चुके हैं। उनका कहना है कि संबंधित संपत्ति का हस्तांतरण पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत हुआ है और उन्हें राजनीतिक कारणों से इस मामले में फंसाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाने वालों के खिलाफ मानहानि की कार्रवाई करने की भी चेतावनी दी है।


फिलहाल 50 करोड़ की इस जमीन विवाद की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। मामले में सभी पक्षों के बयान और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर विवेचना जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।