gnews बीमार शिक्षक की 50 करोड़ की जमीन हड़पने का मामला: भाजपा नेता सुरेश सिंह, नितेश राय उर्फ सोनू समेत 10 पर केस दर्ज, न्यायालय के आदेश पर एफआईआर - The Varanasi News
HEADLINE
Dark Mode
Large text article

बीमार शिक्षक की 50 करोड़ की जमीन हड़पने का मामला: भाजपा नेता सुरेश सिंह, नितेश राय उर्फ सोनू समेत 10 पर केस दर्ज, न्यायालय के आदेश पर एफआईआर

वाराणसी में करीब 50 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन को कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के जरिए हड़पने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय के आदेश पर भाजपा नेता सुरेश कुमार सिंह समेत 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामला सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।


मोहनसराय निवासी प्रमिला मिश्रा ने सीजेएम न्यायालय में दाखिल प्रार्थना पत्र में विशाल मिश्रा, रवि उपाध्याय, वरुणापति उपाध्याय, नितेश राय उर्फ़ सोनू, भाजपा नेता सुरेश कुमार सिंह, अजय कुमार तिवारी, प्रवीण कुमार सिंह, प्रशांत कुमार सिंह, तत्कालीन उपनिबंधक अनिल कुमार तथा निबंधन कार्यालय के लिपिक सत्यांशु सिंह को नामजद किया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सभी ने आपसी मिलीभगत और सुनियोजित षड्यंत्र के तहत करोड़ों रुपये मूल्य की संपत्ति पर कब्जा करने की योजना बनाई।

विज्ञापन
याचिका के अनुसार, सेवानिवृत्त शिक्षक ओमप्रकाश मिश्रा पिछले दो वर्षों से किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं और सप्ताह में दो बार डायलिसिस कराते हैं। शिकायतकर्ता प्रमिला मिश्रा का आरोप है कि इलाज के दौरान रिश्तेदार विशाल मिश्रा और घरेलू चालक रवि उपाध्याय ने उनका विश्वास जीता। बाद में आयुष्मान कार्ड बनवाने के नाम पर बैंक खाता खुलवाया गया, नया मोबाइल सिम जारी कराया गया तथा पेंशन खाते से जुड़े मोबाइल नंबर में भी बदलाव करा दिया गया, जिसकी जानकारी परिवार को नहीं दी गई।


प्रार्थना पत्र में दावा किया गया है कि 7 अप्रैल 2026 को डायलिसिस के बाद अर्धचेतन अवस्था में ओमप्रकाश मिश्रा को गंगापुर स्थित उपनिबंधन कार्यालय ले जाया गया। वहां लगभग 660 वर्गमीटर जमीन का बैनामा नितेश राय उर्फ़ सोनू के नाम कराया गया। इसके बाद करीब 65 बिस्वा भूमि और एक व्यावसायिक गोदाम दो दानपत्रों के जरिए विशाल मिश्रा के नाम दर्ज करा दिए गए। शिकायत के अनुसार, उसी रात उक्त संपत्तियों के विक्रय और अनुबंध संबंधी दस्तावेज भी निष्पादित कर दिए गए।


याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि दस्तावेजों में प्रयुक्त डिजिटल फोटो पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होने के काफी बाद लिए गए थे, जिससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता और वैधता पर सवाल खड़े होते हैं।

विज्ञापन
प्रमिला मिश्रा का कहना है कि उन्होंने रोहनिया थाने और पुलिस आयुक्त वाराणसी से शिकायत की थी। इसके अलावा 2 मई 2026 को स्पीड पोस्ट के माध्यम से भी प्रार्थना पत्र भेजा गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने बीएनएसएस की धारा 173(4) के तहत सीजेएम न्यायालय में अर्जी दाखिल कर मुकदमा दर्ज कराने और निष्पक्ष जांच की मांग की।


मामले की गंभीरता को देखते हुए सीजेएम न्यायालय ने एफआईआर दर्ज कर जांच कराने का आदेश दिया। कोर्ट के आदेश के अनुपालन में संबंधित थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है।


उल्लेखनीय है कि शिकायत में भाजपा नेता सुरेश कुमार सिंह का नाम भी शामिल है, जिसके बाद यह मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा का विषय बन गया है।