काशी में भक्तों के बीच पहुंचे भगवान जगन्नाथ, तीन दिनों तक रथ पर विराजकर सुनेंगे श्रद्धालुओं की फरियाद
काशी के ऐतिहासिक और लक्खा मेलों में शामिल विश्वप्रसिद्ध रथयात्रा मेले का शुभारंभ गुरुवार से हो गया। भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ मंदिर के गर्भगृह से निकलकर रथ पर सवार होकर भक्तों के बीच पहुंचे। धार्मिक मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ इन तीन दिनों तक भक्तों के बीच रहकर उनकी फरियाद सुनते हैं और सच्चे मन से की गई प्रार्थना को स्वीकार करते हैं।
![]() |
| विज्ञापन |
काशी में भक्तों के बीच पहुंचे भगवान जगन्नाथ, तीन दिनों तक रथ पर विराजकर सुनेंगे श्रद्धालुओं की फरियाद#TheVaranasiNews #Varanasi #VaranasiNews@ShuklaRajiv pic.twitter.com/NxWCpMSqSg
— The Varanasi News (@thevaranasinews) July 16, 2026
सुबह मंगला आरती के साथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए तो पूरा क्षेत्र "जय जगन्नाथ" के जयघोष से गूंज उठा। हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और रथयात्रा मेले की शुरुआत का साक्षी बने।
मंदिर के पुजारी राधेश्याम पांडेय ने बताया कि यह मेला तीन दिनों तक चलेगा। उन्होंने कहा कि जो भी श्रद्धालु इस दौरान भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर उनकी पूजा-अर्चना करता है, उसके जीवन के संकट दूर होते हैं। वहीं, भगवान के रथ को खींचने वाले भक्तों को अनंत पुण्य की प्राप्ति होती है और उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
![]() |
| विज्ञापन |
काशी की यह ऐतिहासिक रथयात्रा न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि सदियों पुरानी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का जीवंत उदाहरण भी मानी जाती है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इन तीन दिनों में भगवान जगन्नाथ स्वयं भक्तों के बीच रहकर उनकी हर मनोकामना सुनते और पूरी करते हैं।


