50 करोड़ की जमीन विवाद के बाद फिर चर्चा में नितेश राय, शेवरमानी परिवार समेत कई पर करोड़ों की संपत्ति हड़पने का आरोप, CP से शिकायत
करीब 50 करोड़ रुपये की संपत्ति विवाद में नाम सामने आने के बाद एक बार फिर नितेश राय उर्फ सोनू का नाम एक नए भूमि विवाद में सामने आया है। इस बार रोहनिया थाना क्षेत्र के शाहाबाद निवासी राजेंद्र प्रसाद सिंह ने पुलिस आयुक्त वाराणसी को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि उनकी पैतृक संपत्ति को कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से हड़पने की साजिश रची गई। शिकायत में मनोहर लाल शेवरमानी, रीतिक शेवरमानी, रमेश चंद्र सिंह समेत अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग की गई है।
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शिकायत में नितेश राय उर्फ सोनू की भूमिका पर भी सवाल
शिकायतकर्ता ने पुलिस आयुक्त को दिए पत्र में आरोप लगाया है कि पूरे प्रकरण में नितेश राय उर्फ सोनू की भूमिका भी संदिग्ध है। उनका दावा है कि नितेश राय उर्फ सोनू विवादित संपत्तियों से जुड़े मामलों में सक्रिय रहते हैं और प्रभावशाली लोगों के नाम का सहारा लेकर पीड़ित पक्ष पर दबाव बनाने का प्रयास करते हैं। हालांकि, इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा की जानी है।
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— The Varanasi News (@thevaranasinews) July 18, 2026
उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले मोहनसराय स्थित लगभग 50 करोड़ रुपये की जमीन से जुड़े विवाद में भी नितेश राय उर्फ सोनू का नाम शिकायत के आधार पर सामने आया था। हालांकि, दोनों मामले अलग-अलग शिकायतों पर आधारित हैं और इनमें जांच अभी जारी है।
शेवरमानी समेत कई लोगों पर साजिश का आरोप
शिकायत पत्र के अनुसार, 26 दिसंबर 2025 को मनोहर लाल शेवरमानी और रीतिक शेवरमानी के पक्ष में एक पंजीकृत बैनामा कराया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह बैनामा वास्तविक वैधानिक अधिकारों के विपरीत कराया गया तथा इसमें कथित रूप से गलत तथ्यों का इस्तेमाल किया गया।
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सूत्रों के अनुसार, मनोहर लाल शेवरमानी सिगरा क्षेत्र के एक प्रमुख व्यवसायी के रूप में जाने जाते हैं। हालांकि, इस मामले में उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और उनका पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
उपमुख्यमंत्री के नाम के दुरुपयोग का आरोप
शिकायतकर्ता ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि जब वह अपनी शिकायत लेकर लखनऊ पहुंचे तो उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कथित तौर पर स्पष्ट कहा कि वह ऐसे लोगों को नहीं जानते और यदि कोई उनके नाम का दुरुपयोग कर रहा है तो यह गलत है। शिकायतकर्ता ने इस कथन का भी अपने शिकायती पत्र में उल्लेख किया है।
पहले भी दी गई थी शिकायत, कार्रवाई न होने का आरोप
राजेंद्र प्रसाद सिंह का कहना है कि उन्होंने 16 जनवरी 2026 को रोहनिया थाने में प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 23 जनवरी 2026 को पुलिस आयुक्त के जनशिकायत प्रकोष्ठ में शिकायत दर्ज कराई गई, जहां जांच के निर्देश दिए गए थे।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि जांच के निर्देश मिलने के बावजूद आज तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसी आधार पर उन्होंने एक बार फिर पुलिस आयुक्त से पूरे मामले में निष्पक्ष जांच कर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचे पीड़ित
पीड़ित पक्ष एक बार फिर पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचा, जहां मौजूद एसीपी ने शिकायत पत्र प्राप्त कर मामले की जांच कर नियमानुसार उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।


