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CP मोहित अग्रवाल का सख्त संदेश: काम करो या कुर्सी छोड़ो, 9 थानेदार बदले और 3 लाइन हाजिर, ACP स्तर पर भी हुआ फेरबदल

पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल ने शनिवार को पुलिस लाइन सभागार में मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी के दौरान खराब प्रदर्शन और लापरवाही को लेकर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया। पुलिस आयुक्त ने 9 थानेदारों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया, जबकि तीन निरीक्षकों को पुलिस लाइन भेज दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बेहतर पुलिसिंग ही अधिकारियों और थाना प्रभारियों की पहचान बनेगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

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बैठक की शुरुआत में पुलिस आयुक्त ने थानों के प्रदर्शन की समीक्षा की। इसके बाद निरीक्षक राजीव कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक फूलपुर को पुलिस लाइन भेजते हुए जनपद स्थानांतरण के लिए कार्यमुक्त किया गया। वहीं निरीक्षक दिलीप कुमार मिश्रा, प्रभारी निरीक्षक चौक और निरीक्षक दयाराम, प्रभारी निरीक्षक राजातालाब को भी पुलिस लाइन भेजा गया।


इन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी


प्रशासनिक फेरबदल के तहत निरीक्षक अजय राज वर्मा को मण्डुवाडीह प्रभारी के पद से हटाकर फूलपुर का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। निरीक्षक विजय कुमार शुक्ला को चेतगंज से हटाकर चौक का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया। वहीं उप निरीक्षक दिगम्बर उपाध्याय को लोहता थानाध्यक्ष के पद से हटाकर मण्डुवाडीह थाने की जिम्मेदारी दी गई है।

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इसके अलावा उप निरीक्षक पवन पाण्डेय, चौकी प्रभारी रमना को थानाध्यक्ष चेतगंज बनाया गया है। उप निरीक्षक अभिजीत सिंह, प्रभारी मीडिया सेल, पुलिस आयुक्त कार्यालय को हटाकर लोहता का थानाध्यक्ष बनाया गया। वहीं उप निरीक्षक जितेन्द्र कुमार को थाना रोहनिया से हटाकर राजातालाब का थानाध्यक्ष बनाया गया है।


एसीपी स्तर पर भी फेरबदल


सहायक पुलिस आयुक्त स्तर पर भी जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। अपूर्व पाण्डेय को एसीपी कैण्ट के पद से हटाकर एसीपी साइबर क्राइम की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं अवकाश से लौटीं प्रज्ञा पाठक को एसीपी कैण्ट की जिम्मेदारी सौंपी गई है।


जनसुनवाई से लेकर लंबित विवेचनाओं तक सख्त निर्देश


अपराध समीक्षा बैठक में पुलिस आयुक्त ने थाना प्रभारियों को 12 बिंदुओं पर कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। सभी थाना प्रभारी प्रतिदिन जनसुनवाई करें और सीयूजी मोबाइल फोन हर हाल में उठाएं। किसी कारणवश कॉल नहीं उठा पाने पर संबंधित व्यक्ति को वापस कॉल करना अनिवार्य होगा। आमजन के साथ शालीन व्यवहार के भी निर्देश दिए गए।

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पुलिस आयुक्त ने डी-60 और डी-90 श्रेणी के लंबित मामलों की विवेचनाओं का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने को कहा। महिला संबंधी अपराधों में तत्काल एफआईआर और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। लूट और चेन स्नैचिंग की घटनाओं के शत-प्रतिशत अनावरण के लिए विशेष टीमें लगाने को कहा गया।


जुआ, सट्टा और नशे के खिलाफ SOG-2


जुआ, सट्टा, देह व्यापार, अवैध हुक्का बार और मादक पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी निगरानी के लिए SOG-2 का गठन किया गया है। इस टीम की जिम्मेदारी उप निरीक्षक पंकज सिंह चौहान को दी गई है।


पुलिस आयुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि यदि वाराणसी का कोई अपराधी दूसरे जनपद में अपराध करता है तो संबंधित थाना प्रभारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। साइबर और वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में धारा 111 बीएनएस और 107 बीएनएसएस के प्रावधानों का प्रभावी इस्तेमाल करते हुए पीड़ितों को ठगी की रकम वापस दिलाने पर विशेष फोकस करने को कहा गया।


अतिक्रमण और यातायात पर भी रहेगी नजर


सड़क और फुटपाथ पर अतिक्रमण कर व्यापार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के साथ रोजाना पैदल गश्त के निर्देश दिए गए। स्कूल, कोचिंग संस्थानों और छात्रावासों में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच करने तथा मनचलों और शोहदों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया।


सभी थानों के सीसीटीवी कैमरों को 24 घंटे चालू रखने और रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक एफआईआर और गुमशुदगी के मामले की एसीपी स्तर से नियमित समीक्षा होगी।


आगामी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और गणेश चतुर्थी को देखते हुए संवेदनशील स्थानों पर विशेष पुलिस प्रबंध करने के निर्देश भी पुलिस आयुक्त ने दिए।


पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि प्रदर्शन के आधार पर जवाबदेही तय होगी। जो अच्छा काम करेगा, वही थाने पर रहेगा और जो निष्क्रिय रहेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।