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नीलकंठ तिवारी ने किया दालमंडी सड़क चौड़ीकरण का भूमि पूजन, PWD EE केके सिंह की निगरानी में निर्माण, हर हर महादेव के जयकारे

काशी के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में शामिल दालमंडी में बहुप्रतीक्षित सड़क चौड़ीकरण परियोजना ने रविवार को औपचारिक रूप से गति पकड़ ली। चौक थाना की ओर आयोजित कार्यक्रम में शहर दक्षिणी विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने भूमि पूजन कर सड़क निर्माण कार्य की शुरुआत की। भूमि पूजन के साथ ही मौके पर जेसीबी मशीनों से मलबे को समतल करने और निर्माण की प्रारंभिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, स्थानीय लोग और व्यापारी मौजूद रहे।


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दालमंडी मार्ग चौड़ीकरण परियोजना के तहत करीब 650 मीटर लंबे मार्ग को 17.4 मीटर चौड़ा किया जाना है। इस पूरी परियोजना पर लगभग 221 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। परियोजना के पूरा होने के बाद दालमंडी क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर करने के साथ ही बाजार में आने-जाने वाले लोगों और व्यापारियों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।

184 भवन परियोजना की जद में आए

दालमंडी मार्ग के चौड़ीकरण की प्रक्रिया में कुल 184 भवन प्रभावित हुए हैं, जिनमें मकान और धार्मिक स्थल भी शामिल हैं। प्रभावित भवनों को हटाने की कार्रवाई के बाद चौक की तरफ सड़क निर्माण के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध हो गई है। लोक निर्माण विभाग की ओर से प्रभावित भवन स्वामियों को करीब 150 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया जा चुका है।

इस परियोजना की प्रक्रिया पिछले वर्ष 29 अक्टूबर, धनतेरस के दिन पहले भवन की रजिस्ट्री के साथ शुरू हुई थी। इसके बाद लगातार रजिस्ट्री, मुआवजा वितरण और भवनों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई आगे बढ़ाई गई। अब भूमि पूजन के बाद सड़क निर्माण का वास्तविक कार्य शुरू कर दिया गया है।

PWD के अधिशासी अभियंता केके सिंह संभाल रहे हैं पूरी प्रक्रिया


दालमंडी प्रकरण में लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता केके सिंह की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। परियोजना से जुड़े निर्माण कार्य, प्रभावित भवनों को हटाने की कार्रवाई और मौके पर चल रही व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी उनके स्तर से की जा रही है। भवनों के ध्वस्तीकरण से लेकर सड़क निर्माण की तैयारियों तक विभागीय टीम के साथ वह लगातार मौके की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।


दालमंडी में मकानों के ध्वस्तीकरण के दौरान कई स्तर पर विरोध और आपत्तियों की स्थिति भी सामने आई, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालते हुए कार्रवाई को आगे बढ़ाया। अधिशासी अभियंता केके सिंह द्वारा लगातार मौके का निरीक्षण कर निर्माण प्रक्रिया और ध्वस्तीकरण से जुड़े कार्यों की निगरानी की जा रही है।

तीन महीने में मॉडल सड़क बनाने का लक्ष्य


भूमि पूजन के बाद अब दालमंडी मार्ग को आधुनिक मॉडल सड़क के रूप में विकसित करने की तैयारी है। निर्माण कार्य को करीब तीन महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सड़क चौड़ी होने के बाद क्षेत्र में जाम की समस्या कम होने, वाहनों की आवाजाही सुगम होने और पैदल आने-जाने वाले लोगों को भी बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।

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दालमंडी वाराणसी का प्रमुख व्यापारिक क्षेत्र है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के साथ आसपास के जिलों और दूसरे राज्यों से भी लोग खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। संकरी सड़क और अधिक भीड़ के कारण लंबे समय से यहां यातायात का दबाव बना रहता है। ऐसे में सड़क चौड़ीकरण परियोजना को क्षेत्र की यातायात व्यवस्था में बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

स्थानीय व्यापारियों और निवासियों का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण के बाद दालमंडी में आवागमन आसान होगा और कारोबार को भी गति मिल सकती है। बेहतर सड़क, सुगम यातायात और व्यवस्थित क्षेत्र विकसित होने से बाजार की सुविधाओं में सुधार की उम्मीद है।


221 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने के बाद दालमंडी की तस्वीर बदलने की उम्मीद है। अब भूमि पूजन के साथ निर्माण कार्य की शुरुआत हो चुकी है और आने वाले तीन महीनों में इस मार्ग को मॉडल सड़क के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।