वाराणसी में वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस से हाथापाई, दरोगा को धक्का देकर गिराया; वर्दी का मोनोग्राम तोड़ा
शिवपुर थाना क्षेत्र के गिलट बाजार चौराहे के पास शनिवार देर रात वाहन चेकिंग के दौरान बिना नंबर प्लेट की बाइक सीज करने को लेकर पुलिस और कुछ लोगों के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि बाइक के कागजात और आरसी-डीएल मांगने पर विवाद बढ़ गया और मौके पर पहुंचे कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों से हाथापाई कर दी। इस दौरान गिलट बाजार चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अमित सिंह को धक्का देकर जमीन पर गिराने और उनकी वर्दी का मोनोग्राम तोड़ने का आरोप है। एक सिपाही की सीटी की डोरी खींचने की बात भी एफआईआर में दर्ज की गई है।
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जानकारी के अनुसार, गिलट बाजार चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अमित सिंह शनिवार की मध्य रात्रि पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान गिलट बाजार चौराहे से चुप्पेपुर जाने वाले मार्ग पर पीले रंग की बिना नंबर प्लेट वाली बुलेट मोटरसाइकिल खड़ी मिली। पुलिस टीम ने बाइक के दस्तावेज मांगे, लेकिन मौके पर बाइक सवार दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
कागजात उपलब्ध नहीं होने पर पुलिस टीम बाइक को सीज करने की कार्रवाई करने लगी। इसी बीच रजत सोनकर के परिजन और कुछ साथी मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि उन्होंने बाइक सीज किए जाने का विरोध करते हुए पुलिस टीम को कार्रवाई से रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई शुरू हो गई।
दरोगा को धक्का देकर गिराने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान गोलू उर्फ किशन सोनकर पुलिस टीम से उलझ गया। आरोप है कि हाथापाई के बीच किसी व्यक्ति ने चौकी प्रभारी अमित सिंह को धक्का दे दिया, जिससे वह जमीन पर गिर गए और उन्हें चोटें आईं। इसके बाद उनकी वर्दी का मोनोग्राम भी खींचकर तोड़ने का आरोप है।
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पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस टीम को घेर लिया और सरकारी कार्य में बाधा डाली। एक आरक्षी की सीटी की डोरी खींचने और पुलिसकर्मियों को जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है।
सात नामजद समेत अज्ञात लोगों पर मुकदमा
घटना के संबंध में रविवार को गिलट बाजार चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अमित सिंह की तहरीर पर शिवपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। एफआईआर में रजत सोनकर, गोलू उर्फ किशन सोनकर, रजत की बहन, उसकी मां, शुभम सोनकर और प्रिंस उर्फ ऋषभ सोनकर समेत सात लोगों को नामजद किया गया है। इसके अलावा पांच-छह अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
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पुलिस ने मामले में सरकारी कार्य में बाधा, पुलिसकर्मियों से मारपीट और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ, इसकी पुष्टि के लिए पुलिस मौके पर मौजूद लोगों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।




