BHU महिला प्रोफेसर की शिकायत पर कोर्ट का बड़ा आदेश, पूर्व ट्रॉमा सेंटर प्रभारी सौरभ सिंह के खिलाफ अंतिम रिपोर्ट निरस्त; अग्रिम विवेचना के निर्देश
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) की महिला प्रोफेसर डॉ. मंजरी मिश्रा से छेड़छाड़ के मामले में वाराणसी की अदालत ने महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, कोर्ट संख्या-09, वाराणसी ने पुलिस द्वारा दाखिल की गई अंतिम रिपोर्ट को निरस्त करते हुए मामले में अग्रिम विवेचना कराने का आदेश दिया है। न्यायालय ने वादिनी डॉ. मंजरी मिश्रा की ओर से दाखिल प्रोटेस्ट प्रार्थना-पत्र को स्वीकार करते हुए यह आदेश पारित किया।
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मामले में वादी मुकदमा डॉ. मंजरी मिश्रा, काशी हिंदू विश्वविद्यालय की प्रोफेसर हैं। प्रकरण में अभियुक्त के रूप में बीएचयू के पूर्व ट्रॉमा सेंटर प्रभारी प्रो. सौरभ सिंह के साथ बाउंसर बताए गए धनंजय राय और आशीष सिंह के नाम सामने आए हैं।
विवेचना पर उठाए गए थे सवाल
अदालत के आदेश में वादिनी की ओर से पुलिस विवेचना को लेकर उठाई गई आपत्तियों का उल्लेख किया गया है। प्रोटेस्ट प्रार्थना-पत्र में कहा गया था कि विवेचना के दौरान वादिनी का समुचित बयान दर्ज नहीं किया गया। इसके अलावा स्वतंत्र गवाहों के बयान दर्ज नहीं किए जाने, घटनास्थल का निरीक्षण नहीं किए जाने तथा उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक और अन्य साक्ष्यों की पर्याप्त जांच नहीं किए जाने की बात कही गई थी।
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न्यायालय ने इन बिंदुओं और वादिनी की ओर से लगाए गए विशिष्ट आरोपों को देखते हुए कहा कि मामले की वास्तविक स्थिति का परीक्षण मौखिक, दस्तावेजी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर किया जाना आवश्यक है। इसी आधार पर अदालत ने पुलिस की ओर से प्रस्तुत अंतिम रिपोर्ट को निरस्त कर दिया और मामले में अग्रिम विवेचना के निर्देश दिए।
पहले भी विवादों में रहे हैं सौरभ सिंह
प्रो. सौरभ सिंह को लेकर इससे पहले भी विवाद सामने आते रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पूर्व में उत्तर प्रदेश लोकायुक्त की ओर से ट्रॉमा सेंटर से जुड़े भ्रष्टाचार और आयुष्मान भारत योजना में कथित वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में उन्हें समन जारी किए जाने की बात सामने आई थी।
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फिलहाल, महिला प्रोफेसर से जुड़े छेड़छाड़ के मामले में अदालत के अंतिम रिपोर्ट निरस्त करने और अग्रिम विवेचना के आदेश के बाद पुलिस को मामले से जुड़े मौखिक, दस्तावेजी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की दोबारा जांच करनी होगी।



