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वाराणसी में डिजिटल अरेस्ट ठगी के सिम बॉक्स नेटवर्क का भंडाफोड़, 192 सिम स्लॉट वाले 6 बॉक्स बरामद; दो गिरफ्तार

कमिश्नरेट वाराणसी की साइबर क्राइम सेल, प्रतिबिंब टीम और चितईपुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने शहर में संचालित सिम बॉक्स नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने 14 अक्टूबर को तीन अलग-अलग किराये के ठिकानों पर कार्रवाई करते हुए छह सिम बॉक्स, 192 सिम स्लॉट और कॉलिंग नेटवर्क संचालित करने में इस्तेमाल होने वाले कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि लखनऊ निवासी एक अन्य आरोपी की तलाश की जा रही है।

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पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क के जरिए विदेश से इंटरनेट के माध्यम से आने वाली कॉल को भारतीय मोबाइल नंबर के रूप में प्रदर्शित कर लोगों को फोन किया जाता था। इस तकनीक का इस्तेमाल डिजिटल अरेस्ट जैसी साइबर ठगी की घटनाओं में किए जाने की आशंका सामने आई है।


म्यूल खाते से खुला नेटवर्क का राज


पुलिस के अनुसार, साइबर क्राइम सेल की प्रतिबिंब टीम प्रतिबिंब पोर्टल पर प्रदर्शित संदिग्ध मोबाइल नंबरों और म्यूल बैंक खातों की जांच कर रही थी। इसी दौरान एक बैंक खाते से देश के अलग-अलग राज्यों में दर्ज 41 साइबर शिकायतों का संबंध सामने आया। इनमें पुणे में दर्ज डिजिटल अरेस्ट से जुड़ी एक शिकायत भी शामिल थी, जिसमें 25 लाख रुपये इसी खाते में आने की जानकारी मिली।

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जांच के दौरान खाताधारक मोहम्मद आबिद से पूछताछ की गई। पुलिस के मुताबिक, आबिद ने वाराणसी में तीन स्थानों पर सिम बॉक्स लगाए जाने की जानकारी दी। इसके बाद संयुक्त टीम ने तीनों ठिकानों पर कार्रवाई करते हुए नेटवर्क से जुड़े उपकरण बरामद किए।

कैसे काम करता था सिम बॉक्स नेटवर्क?


सिम बॉक्स नेटवर्क में इंटरनेट प्रोटोकॉल के जरिए कॉल को दूसरे नेटवर्क तक पहुंचाने की तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में विदेश से इंटरनेट के माध्यम से आने वाली कॉल को गेटवे और अन्य उपकरणों की मदद से भारतीय स्थानीय मोबाइल नंबर के रूप में प्रदर्शित किया जाता था।

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इससे फोन प्राप्त करने वाले व्यक्ति को कॉल भारतीय नंबर से आती हुई दिखाई दे सकती थी, जबकि कॉल की वास्तविक उत्पत्ति छिपी रह सकती थी। पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क का इस्तेमाल लोगों को डिजिटल अरेस्ट जैसी साइबर ठगी का शिकार बनाने के लिए किया जा रहा था।


गिरफ्तार आरोपियों के नाम


पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:


मोहम्मद आबिद (40 वर्ष) पुत्र अब्दुल माजिद, निवासी सराय हरहा, थाना चौक, वाराणसी।


शशि शेखर सिंह (24 वर्ष) पुत्र प्रकाश सिंह, निवासी के-57/75, नवापुरा, दारानगर, वाराणसी।


इस मामले में पुलिस ने सौगात अस्थाना, पुत्र रविन्द्र कुमार अस्थाना, निवासी ओमैक्स अपार्टमेंट, लखनऊ को वांछित बताया है।


छह सिम बॉक्स समेत भारी मात्रा में उपकरण बरामद


पुलिस की कार्रवाई में छह 32-पोर्ट सिम बॉक्स बरामद किए गए, जिनमें कुल 192 सिम स्लॉट और उनसे संबंधित एंटीना बताए गए हैं। इसके अलावा चार सिम बॉक्स एसी/डीसी एडाप्टर, एक्सिटल कंपनी के राउटर और गेटवे, एयरटेल कंपनी के उपकरण, एक्स्ट्रीम फाइबर उपकरण, तीन टीपी-लिंक वायरलेस डुअल बैंड गीगाबिट राउटर, तीन टीपी-लिंक ओमाडा गीगाबिट वीपीएन गेटवे, तीन वाई-फाई कैमरे, चार मोबाइल फोन, 10 एडाप्टर तथा ऑप्टिकल फाइबर और ईथरनेट केबल बरामद की गई हैं।


इन तीन स्थानों पर हुई कार्रवाई


पुलिस के मुताबिक, बरामदगी और गिरफ्तारी की कार्रवाई शहर के तीन स्थानों पर की गई:


अशोकपुरम कॉलोनी, एकता नगर, थाना शिवपुर।


बालाजी भवन, सामनेघाट, थाना लंका।


कैलाशपुरी कॉलोनी, थाना चितईपुर।


इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा


इस मामले में थाना चितईपुर में मुकदमा अपराध संख्या 256/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 319(2), 317(2), 317(4), 61(2)(ख), 112(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66डी में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।


यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देशन में तथा पुलिस उपायुक्त साइबर अपराध नीतू काद्यान और अपर पुलिस उपायुक्त गोमती जोन/साइबर नोडल नृपेन्द्र के पर्यवेक्षण में की गई। संयुक्त टीम में साइबर क्राइम सेल, प्रतिबिंब टीम और थाना चितईपुर की पुलिस शामिल रही।