रिश्वत में रंगे हाथ पकड़े गए दरोगा-सिपाही, पुलिस कस्टडी में भी लग्जरी गाड़ी से पहुंचे
20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े गए काशी विद्यापीठ चौकी इंचार्ज दरोगा शिवाकर मिश्रा और उसके खास सिपाही गौरव कुमार द्विवेदी को डीसीपी काशी ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। हालांकि, कार्रवाई के बावजूद दोनों आरोपियों को पुलिस कस्टडी में VIP ट्रीटमेंट मिलने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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गुरुवार को एंटी करप्शन कोर्ट में पेशी से पहले आरोपी दरोगा और सिपाही को पुलिस जीप की जगह लग्जरी कार से कमिश्नर कार्यालय लाया गया। हैरानी की बात यह रही कि कार को कमिश्नर कार्यालय के मेन गेट से बाकायदा एंट्री दी गई। कार से उतरकर दोनों आरोपी आराम से अंदर जाते नजर आए, जिसका वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई।
विभागीय जांच शुरू, गोपनीय रिपोर्ट तलब
डीसीपी काशी गौरव बंसवाल ने बताया कि काशी विद्यापीठ चौकी इंचार्ज शिवाकर मिश्रा और सिपाही गौरव कुमार द्विवेदी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही पुलिस कमिश्नर ने दरोगा शिवाकर मिश्रा की फाइल और गोपनीय रिपोर्ट (CR) भी तलब कर ली है।
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पुलिस कमिश्नर की सख्त पॉलिसी के चलते अब दरोगा शिवाकर मिश्रा को अगले एक साल तक किसी भी थाने या चौकी का चार्ज मिलना मुश्किल माना जा रहा है।
पुराने मामले खुलने की आशंका
सूत्रों की मानें तो विभागीय जांच के दौरान यदि दरोगा और सिपाही के पुराने मामलों की परतें खुलती हैं, तो दोनों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। बताया जा रहा है कि इस मामले में पुलिस महकमे के कुछ इंस्पेक्टर और दरोगा आरोपी शिवाकर मिश्रा को बचाने की फील्डिंग में भी जुटे रहे।
एंटी करप्शन कोर्ट में होगी पेशी
एंटी करप्शन टीम आज दोपहर आरोपी दरोगा शिवाकर मिश्रा और सिपाही गौरव कुमार द्विवेदी को एंटी करप्शन कोर्ट नंबर-5 में पेश करेगी। कोर्ट में पेशी से पहले की औपचारिक प्रक्रिया के लिए ही दोनों को कमिश्नर कार्यालय लाया गया था, लेकिन उन्हें लग्जरी कार से लाए जाने को लेकर अब पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।


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