एससी-एसटी एक्ट के मामले में आरोपित को अंतरिम जमानत, 13 मार्च को नियमित जमानत पर होगी सुनवाई
February 27, 2026
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| अधिवक्ता विकास सिंह |
एसआईआर (Special Intensive Revision) कार्य में लगे सफाईकर्मी पर कथित हमला, जातिसूचक शब्दों के प्रयोग और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के मामले में आरोपित को अदालत से अंतरिम राहत मिल गई है। विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) संध्या श्रीवास्तव की अदालत ने टिसौरा, चोलापुर निवासी संतोष सिंह को 25 हजार रुपये के एक जमानतदार व निजी बंधपत्र पर अंतरिम जमानत देने का आदेश दिया। साथ ही नियमित जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए 13 मार्च की तिथि नियत की गई है। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता विकास सिंह, अमनदीप सिंह एवं अखिलेश सिंह ने पक्ष रखा।
क्या है मामला
अभियोजन पक्ष के अनुसार सैदपुर, गाजीपुर निवासी मुन्नर राम ने 10 फरवरी 2026 को चोलापुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि वह ग्राम पंचायत टिसौरा, विकास खंड चोलापुर में सफाईकर्मी के पद पर कार्यरत है। उसी दिन उसकी ड्यूटी पंचायत निर्वाचन नामावली में डुप्लीकेट मतदाताओं के सत्यापन के लिए बीएलओ बंदना यादव के साथ सहायक के रूप में लगाई गई थी।
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आरोप है कि सत्यापन के दौरान जब वह मकान संख्या 93, क्रम संख्या 762 पर अंकित संतोष सिंह के घर आधार कार्ड का नंबर लेने पहुंचे, तो संतोष सिंह ने पहले उनका नाम और जाति पूछी। जैसे ही मुन्नर राम ने स्वयं को सफाईकर्मी और अपनी जाति चमार बताया, आरोप है कि संतोष सिंह ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की और मारपीट शुरू कर दी।
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शिकायत में यह भी कहा गया कि जान बचाकर भागते समय आरोपित ने उनकी स्कूटी की चाबी छीन ली और धमकी दी कि यदि पुलिस में शिकायत की तो जान से मार देंगे। बाद में आसपास के लोगों के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ और स्कूटी की चाबी वापस मिली।
पुलिस ने दर्ज की गंभीर धाराएं
पुलिस ने मामले को गंभीर मानते हुए आरोपित के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, मारपीट, धमकी तथा एससी-एसटी एक्ट की धाराओं सहित अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
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इसके बाद आरोपित ने न्यायालय में समर्पण कर जमानत याचिका दाखिल की, जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने अंतरिम जमानत मंजूर कर ली।



