BHU ट्रॉमा सेंटर के डॉक्टर पर हत्या का मुकदमा दर्ज, कोर्ट के आदेश पर रोहनिया थाने में FIR
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) ट्रॉमा सेंटर के एनेस्थीसिया विशेषज्ञ प्रोफेसर डॉ. राजेश मीणा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। वाराणसी कोर्ट के निर्देश पर रोहनिया थाने में यह एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने जितेंद्र यादव की मौत के मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 238(a) और 351(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि हत्या को दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई थी।
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मामला 30 जुलाई 2019 का है, जब अहरौरा डैम में जितेंद्र यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में डूबने से मौत हो गई थी। शुरुआती जांच में इसे हादसा बताया गया था, लेकिन मृतक के भाई धर्मेंद्र यादव पुलिस जांच से संतुष्ट नहीं थे। इसके बाद उन्होंने वाराणसी न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश के बाद अब इस मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
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प्रार्थना पत्र में धर्मेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि उनका भाई रोहनिया क्षेत्र के एक अस्पताल में कार्यरत था, जहां उसकी पहचान BHU ट्रॉमा सेंटर के एनेस्थीसिया विभाग के प्रोफेसर डॉ. राजेश मीणा से हुई थी। दोनों के बीच दोस्ती हो गई थी। आरोप है कि इसी दौरान मृतक के पास डॉक्टर से जुड़े कुछ आपत्तिजनक वीडियो आ गए थे, जिन्हें लेकर दबाव बनाया जा रहा था। शिकायत के अनुसार, साजिश के तहत जितेंद्र यादव को शराब पिलाकर अहरौरा डैम ले जाया गया और वहां फेंक दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
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फिलहाल रोहनिया पुलिस कोर्ट के आदेश के बाद पूरे मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


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