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NHAI की मनमानी से ग्रामीण बेहाल, सड़क काटकर छोड़ा अधूरा इंतजाम; मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज हुई शिकायत

बड़ागांव थाना क्षेत्र के बाबतपुर में एयरपोर्ट विस्तारीकरण परियोजना के तहत बनाए जा रहे टनल निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने टनल निर्माण के लिए गांवों को जोड़ने वाली सड़क तो काट दी, लेकिन वैकल्पिक मार्ग या सर्विस लेन की व्यवस्था नहीं की। नतीजा यह है कि दर्जनों गांवों के हजारों लोग पिछले कई महीनों से भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं।

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ग्रामीणों द्वारा इस संबंध में मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) पर शिकायत दर्ज कराते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायत में कहा गया है कि बाबतपुर, सिसवां, रघुनाथपुर, कविरामपुर, रामपुर समेत आसपास के कई गांवों की आवाजाही टनल निर्माण के कारण बुरी तरह प्रभावित हो गई है।


25 मीटर की दूरी के लिए 3 किलोमीटर का चक्कर


ग्रामीणों का कहना है कि टनल निर्माण के लिए मुख्य संपर्क मार्ग को करीब 25 मीटर तक काट दिया गया है। सड़क कटने के बाद नियमों के अनुसार सर्विस लेन या वैकल्पिक मार्ग बनाया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इसका परिणाम यह है कि लोगों को मात्र 25 मीटर की दूरी तय करने के लिए लगभग 3 किलोमीटर लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है।

लोग रोजाना जान जोखिम में डालकर आवागमन करने को मजबूर हैं। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और मरीजों को हो रही है। कई बार एंबुलेंस और अन्य जरूरी सेवाओं को भी प्रभावित होना पड़ता है।

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ग्रामीणों ने IGRS शिकायत में आरोप लगाया है कि कई बार NHAI अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। शिकायत में मांग की गई है कि तत्काल सर्विस लेन का निर्माण कराया जाए, सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराया जाए और निर्माण स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्यों के नाम पर उनकी सुरक्षा और सुविधाओं की अनदेखी की जा रही है। स्रोतों के अनुसार यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण बड़े प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर धरना-प्रदर्शन की राह भी अपना सकते हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा है कि अब उनकी सहनशक्ति जवाब दे रही है और समस्या का समाधान नहीं होने पर व्यापक आंदोलन किया जाएगा।