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धूल फांक रहा काशी की रथयात्रा का ऐतिहासिक रथ, सड़क किनारे बदहाली में खड़ी विरासत

काशी की विश्वप्रसिद्ध रथयात्रा मेले की पहचान माना जाने वाला ऐतिहासिक रथ इन दिनों उपेक्षा का शिकार दिखाई दे रहा है। वर्ष भर में केवल कुछ दिनों के लिए रथयात्रा मेले के दौरान श्रद्धालुओं के दर्शन और यात्रा के लिए निकाला जाने वाला यह रथ फिलहाल सड़क किनारे बदहाल स्थिति में खड़ा है। रथ के आसपास गंदगी, धूल और अव्यवस्था का माहौल देखने को मिल रहा है, जिससे इसकी गरिमा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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स्थानीय लोगों और सूत्रों के अनुसार, वर्षों से जिस स्थान पर यह रथ खड़ा किया जाता था, वहां अब बड़ा गड्ढा हो गया है। बताया जा रहा है कि उक्त भूमि नगर निगम की है और वहां निर्माण कार्य की तैयारी चल रही है। इसी कारण रथ को उसके पारंपरिक स्थान से हटाकर सड़क किनारे खड़ा कर दिया गया है, जहां वह कई दिनों से धूल फांक रहा है।

 

रथयात्रा की परंपरा काशी में सदियों पुरानी मानी जाती है। इस रथ से लाखों श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी हुई है। लेकिन वर्तमान स्थिति देखकर लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि जिस धरोहर को पूरे देश में सम्मान की नजर से देखा जाता है, उसकी ऐसी हालत चिंताजनक है।

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लोगों का यह भी कहना है कि रथ के संरक्षण और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालने वाले ट्रस्ट की चुप्पी भी कई सवाल खड़े कर रही है। प्रतिदिन इस मार्ग से बड़े-बड़े अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और धार्मिक संस्थाओं से जुड़े लोगों का आना-जाना होता है। कई वीआईपी वाहनों के काफिले भी इसी रास्ते से गुजरते हैं, लेकिन किसी की नजर इस ऐतिहासिक धरोहर की बदहाली पर नहीं पड़ रही है।


स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि वर्तमान स्थान उपयुक्त नहीं है तो रथ को किसी सुरक्षित और सम्मानजनक स्थान पर रखा जाना चाहिए। यह केवल लकड़ी का ढांचा नहीं, बल्कि काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। ऐसे में संबंधित ट्रस्ट, प्रशासन, नगर निगम और धर्माचार्यों को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए रथ की सुरक्षा, संरक्षण और उचित स्थान की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस ऐतिहासिक परंपरा को उसी गौरव के साथ देख सकें।