BHU में बड़ी कार्रवाई: 110 छात्र ब्लैकलिस्ट, 36 स्थायी रूप से डिबार; हालिया छात्र आंदोलन के बीच फैसले पर उठे सवाल
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) प्रशासन ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से पहले अनुशासनहीनता, हिंसा और गंभीर अपराधों में संलिप्त 110 छात्रों के खिलाफ बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। विश्वविद्यालय ने इन छात्रों को ब्लैकलिस्ट करते हुए अलग-अलग स्तर पर दंडित किया है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम परिसर में अनुशासन, सुरक्षा और शैक्षणिक माहौल बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
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विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार यह कार्रवाई अलग-अलग वर्षों में हुई गंभीर घटनाओं में छात्रों की संलिप्तता के आधार पर की गई है। इन घटनाओं में एंबुलेंस चालक के अपहरण, छात्रावासों में तोड़फोड़, विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, मुख्य द्वार और कुलपति आवास पर उग्र प्रदर्शन, मारपीट तथा छात्राओं से जुड़े गंभीर मामलों जैसी घटनाएं शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि कुछ छात्र एक से अधिक मामलों में शामिल पाए गए, इसलिए उनके खिलाफ दोबारा निलंबन या स्थायी डिबार जैसी कड़ी कार्रवाई की गई।
सूची के अनुसार 17 फरवरी 2026 को बिड़ला 'ए' हॉस्टल के पास हुई तोड़फोड़ और उपद्रव की घटना में कला संकाय के छात्र आदित्य शर्मा को भविष्य में बीएचयू के सभी प्रवेशों के लिए डिबार कर दिया गया है।
वहीं 29 जनवरी 2026 को रुइया और बिड़ला 'ए' हॉस्टल के पास हुई तोड़फोड़ तथा हॉस्टल गेट पर मारपीट के मामले में अंकित पाल, दर्शित पांडेय, पीयूष स्वामी और विशाल कुमार सहित कई छात्रों को भविष्य में बीएचयू में प्रवेश से वंचित कर दिया गया है।
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प्रशासन का रुख स्पष्ट, आगे भी रहेगी सख्ती
बीएचयू प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विश्वविद्यालय परिसर की शांति, सुरक्षा और शैक्षणिक वातावरण से समझौता करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।
हालिया छात्र आंदोलन के बीच उठ रहे सवाल
बीएचयू की यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है, जब कुछ दिन पहले ही विश्वविद्यालय परिसर में प्रश्नपत्र में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के आरोपों को लेकर छात्रों ने बड़ा प्रदर्शन किया था। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए पारदर्शी जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग उठाई थी।
ऐसे में 110 छात्रों के खिलाफ जारी इस बड़े अनुशासनात्मक अभियान को लेकर परिसर और छात्र राजनीति में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या यह कार्रवाई केवल पुराने अनुशासनात्मक मामलों पर आधारित है या फिर हालिया घटनाक्रम के बाद प्रशासन की सख्ती का हिस्सा भी है। हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि सभी कार्रवाई पूर्व में दर्ज मामलों और अनुशासनात्मक जांच के आधार पर की गई है तथा इसका हालिया आंदोलन से कोई संबंध नहीं है।
फिलहाल बीएचयू प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि विश्वविद्यालय में कानून व्यवस्था और अनुशासन बनाए रखने के लिए भविष्य में भी किसी भी प्रकार की हिंसा, तोड़फोड़ या अव्यवस्था फैलाने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।


