विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर वाराणसी में मौन जुलूस निकाला गया। जुलूस के माध्यम से वर्ष 1947 में देश के विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों और विस्थापित परिवारों की पीड़ा को याद किया गया। इस दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कांग्रेस की तत्कालीन नीतियों को लेकर जमकर निशाना साधा।
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स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि विभाजन की त्रासदी देश के इतिहास का ऐसा अध्याय है, जिसे भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि देश की नई पीढ़ी को यह जानकारी होनी चाहिए कि आखिर किन परिस्थितियों में भारत का विभाजन हुआ और उस दौर में लिए गए राजनीतिक फैसलों का देश पर क्या असर पड़ा। |
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उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस के कुकर्मों को सामने लाने की जरूरत है। स्वतंत्र देव सिंह ने आरोप लगाया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की तुष्टीकरण की राजनीति के कारण देश को विभाजन का दंश झेलना पड़ा। उन्होंने कहा कि उस समय की राजनीति और फैसलों के कारण देश दो हिस्सों में बंटा और इसका सबसे बड़ा खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ा।
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उन्होंने कहा कि विभाजन के दौरान लाखों लोग अपने घर, जमीन और संपत्ति छोड़कर रिफ्यूजी बनने को मजबूर हुए। बड़ी संख्या में परिवार विस्थापित हुए और लोगों ने हिंसा तथा अपनों को खोने का दर्द झेला। विभाजन की इस पीड़ा को शब्दों में बयां करना आसान नहीं है। |
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स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि विभाजन की विभीषिका को केवल इतिहास की किताबों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। देशवासियों को उस दौर की सच्चाई जाननी चाहिए और यह भी समझना चाहिए कि तत्कालीन राजनीतिक नेतृत्व ने कौन-कौन से फैसले लिए थे। उन्होंने कहा कि देश को यह जानने का अधिकार है कि कांग्रेस ने उस समय क्या किया और उसके फैसलों का देश पर क्या प्रभाव पड़ा। |
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मौन जुलूस के दौरान लोगों ने विभाजन में मारे गए निर्दोष लोगों को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाए रखने का संदेश भी दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि विभाजन जैसी त्रासदी से सीख लेते हुए समाज में आपसी भाईचारा, सौहार्द और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना समय की जरूरत है।
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के आयोजन के माध्यम से लोगों को वर्ष 1947 की उस त्रासदी की याद दिलाई गई, जिसमें लाखों लोगों को विस्थापन का दर्द झेलना पड़ा था। कार्यक्रम में विभाजन के पीड़ितों के प्रति सम्मान और श्रद्धांजलि व्यक्त की गई।