चिन्मय मिशन के 75 वर्ष पूर्ण होने के पावन अवसर पर देशभर में आयोजित किए जा रहे ‘चिन्मय अमृत महोत्सव’ के तहत निकाली जा रही चिन्मय अमृत यात्रा वाराणसी पहुंची। काशी की आध्यात्मिक धरती पर यात्रा का साधकों, कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया।
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वेदांत मर्मज्ञ स्वामी चिन्मयानंद द्वारा प्रतिष्ठापित चिन्मय मिशन की 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह अमृत यात्रा देशभर में निकाली जा रही है। यात्रा के माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा, वेदांत के संदेश, आध्यात्मिक चेतना और मानव सेवा के संकल्प को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। |
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चिन्मय मिशन के अनुसार यह यात्रा 295 दिनों तक देश के विभिन्न हिस्सों से होकर गुजरेगी। इस दौरान युवाओं के साथ संवाद, शैक्षणिक कार्यक्रम, सांस्कृतिक आयोजन, सत्संग तथा विभिन्न सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों के माध्यम से गुरुदेव स्वामी चिन्मयानंद की शिक्षाओं और वेदांत के जीवनोपयोगी संदेश को समाज तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। |
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वाराणसी में 11 और 12 अगस्त 2026 को चिन्मय अमृत यात्रा के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। काशी पहुंचने पर चिन्मय मिशन से जुड़े साधकों और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रमों के दौरान भारतीय संस्कृति, सनातन ज्ञान परंपरा, वेदांत, साधना और सेवा के महत्व पर चर्चा हुई तथा इन मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया गया। |
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काशी में कार्यक्रमों के उपरांत चिन्मय अमृत यात्रा अब प्रयागराज के लिए रवाना हो गई है। देश के अलग-अलग क्षेत्रों में पड़ाव करते हुए यात्रा आगे बढ़ेगी और विभिन्न स्थानों पर आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों के जरिए चिन्मय मिशन के 75 वर्षों की यात्रा और उसके संदेश को लोगों तक पहुंचाया जाएगा। |
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चिन्मय अमृत यात्रा का समापन 23 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में प्रस्तावित है। इस अवसर पर देशभर में हुई यात्रा और विभिन्न कार्यक्रमों के अनुभवों को एक व्यापक मंच पर साझा किया जाएगा।चिन्मय मिशन की यह यात्रा केवल 75 वर्षों के गौरव को याद करने का आयोजन नहीं, बल्कि ज्ञान, साधना, सेवा और भारतीय आध्यात्मिक परंपरा को वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों से जोड़ने का अभियान है। काशी से प्रयागराज की ओर बढ़ी यह यात्रा देशभर में भारतीय ज्ञान और वेदांत के संदेश को आगे ले जाने की अपनी यात्रा जारी रखेगी।