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वाराणसी क्रिकेट एसोसिएशन में 'अंदर की बात': धांधली, परिवारवाद और मनमानी के गंभीर आरोपों में घिरी VCA

'दी वाराणसी न्यूज़' की विशेष इन-डेप्थ इन्वेस्टिगेटिव सीरीज़ 'अंदर की बात' के तहत इस बार बड़ा खुलासा हुआ है। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र बनारस में क्रिकेट के नाम पर बड़ा खेल चलने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। वाराणसी क्रिकेट एसोसिएशन (VCA) और उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (UPCA) में वर्चस्व को लेकर कई संगीन आरोप सामने आ रहे हैं। आरोपों के प्रदेश में जावेद अख्तर हैं, जो वर्षों से UPCA में निदेशक के पद पर काबिज हैं और साथ ही VCA में सचिव की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।

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दावा किया जा रहा है कि UPCA में निदेशक पद पर रहते हुए और VCA सचिव के रूप में वर्षों से जारी इस दोहरे नियंत्रण के बीच कई तरह की अनियमिताओं और धांधलियों के आरोप लगते रहे हैं। अब चर्चा यह भी है कि UPCA में अपनी पैठ मजबूत करने के बाद, VCA की जिम्मेदारी अपने बेटे जमाल अख्तर को सौंपने की पूरी पटकथा तैयार कर ली गई है। 
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सवाल यह उठ रहा है कि क्या राज्य स्तर पर खिलाड़ियों के साथ कथित मनमानी का जो खेल चलता रहा, वही खेल अब जिला स्तर पर बेटे के जरिए आगे बढ़ाने की तैयारी है? क्या बनारस में VCA के नेतृत्व के लिए कोई अन्य योग्य खिलाड़ी या चेहरा मौजूद नहीं है, जो एक ही परिवार के इर्द-गिर्द पूरी व्यवस्था घूम रही है?
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इसके अलावा, VCA में सचिव के करीबी माने जाने वाले पी.पी. आनंद पर भी गंभीर आरोप लग रहे हैं। बताया जाता है कि दिल्ली के एक प्रभावशाली नेता के नाम का सहारा लेकर वे लंबे समय से एसोसिएशन में अपना दबदबा बनाए हुए हैं। आरोप हैं कि खिलाड़ियों को सलेक्शन का भरोसा देकर सालों तक अपने पीछे घुमाया जाता है।
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स्थानीय क्रिकेट प्रेमियों और खिलाड़ियों के बीच अब यह सवाल बड़ा होता जा रहा है कि क्या BCCI, केंद्रीय खेल मंत्री और UPCA इन मनमानियों पर कोई निष्पक्ष जांच बिठाएंगे? क्या बनारस की उदीयमान खेल प्रतिभाओं को उनका वाजिब हक मिलेगा या खेल के नाम पर तानाशाही का यह दौर ऐसे ही चलता रहेगा?
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वहीं, VCA प्रबंधन की ओर से सोशल मीडिया पर कमेंट सेक्शन बंद करने और मैदान से दूरी बनाए रखने पर भी सवाल उठ रहे हैं। 'दी वाराणसी न्यूज़' की टीम यह स्पष्ट करती है कि यदि जावेद अख्तर या एसोसिएशन से जुड़ा कोई भी व्यक्ति 'अंदर की बात' सीरीज़ के तहत अपना पक्ष या सफाई रखना चाहता है, तो हमारे दरवाजे उनके लिए हमेशा खुले हैं।