बीएचयू की एसबीआई शाखा में साइबर ठगी, फर्जी ईमेल से बिल्डर के खाते से 54.91 लाख रुपये ट्रांसफर
साइबर ठगों ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की बीएचयू शाखा को निशाना बनाते हुए एक बिल्डर के बैंक खाते से 54 लाख 91 हजार 810 रुपये तीन अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए। ठगी का खुलासा तब हुआ, जब वास्तविक खाताधारक बैंक पहुंचा और उसने रुपये ट्रांसफर करने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद बैंक अधिकारियों में हड़कंप मच गया और मामले की सूचना साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर दी गई।
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पहले फोन कर ली खाते की जानकारी
पुलिस के मुताबिक, बीते एक सितंबर को दोपहर में एसबीआई की बीएचयू शाखा में एक व्यक्ति का फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को बिल्डर रमेश (काल्पनिक नाम) बताया। उसने शाखा प्रबंधक से टर्म डिपॉजिट (एफडी) की ब्याज दरों के संबंध में जानकारी ली।
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आरोपित ने बैंक अधिकारियों पर तत्काल रकम ट्रांसफर करने का दबाव बनाया। इसके बाद बैंक को भेजे गए फर्जी ई-मेल के आधार पर खाते से रकम ट्रांसफर कर दी गई।
तीन खातों में भेजी गई रकम
फर्जी ई-मेल के आधार पर बिल्डर के खाते से कुल 54,91,810 रुपये तीन अलग-अलग बैंक खातों में भेजे गए।
अब्दुल के खाते में: 28,20,801 रुपये
मो. आरिफ के खाते में: 17,15,109 रुपये
धीरज कुमार के खाते में: 9,55,900 रुपये
रकम ट्रांसफर होने के कुछ ही मिनट बाद वास्तविक खाताधारक बैंक पहुंचा। उसने बैंक अधिकारियों को बताया कि उसने रुपये ट्रांसफर करने के लिए कोई ई-मेल नहीं भेजा था और न ही इस तरह के किसी लेनदेन के लिए बैंक को निर्देश दिया था।
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48 लाख रुपये होल्ड कराने में मिली सफलता
घटना की जानकारी मिलते ही बैंक की ओर से साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई गई। इसके बाद पुलिस की साइबर टीम ने तेजी से कार्रवाई शुरू की और ट्रांसफर की गई रकम में से 48 लाख रुपये होल्ड कराने में सफलता हासिल की।
अपर पुलिस उपायुक्त साइबर क्राइम नृपेंद्र ने बताया कि पुलिस की सक्रियता से बड़ी धनराशि बचा ली गई है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही साइबर ठगी में शामिल आरोपितों को गिरफ्तार किया जाएगा।
फिलहाल पुलिस उन बैंक खातों की जांच कर रही है, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर की गई। साथ ही फर्जी ई-मेल भेजने और बैंक अधिकारियों को विश्वास में लेकर रकम ट्रांसफर कराने वाले आरोपितों तक पहुंचने के लिए साइबर टीम तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।



