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22 साल से मरीजों के भरोसे का साथी बना है गंगा सेवा सदन, स्थापना दिवस पर सेवाओं को किया याद

चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में भरोसे और समर्पण की पहचान बना गंगा सेवा सदन हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर ने शुक्रवार को अपनी स्थापना के 22 वर्ष पूरे किए। इस अवसर पर अस्पताल परिसर में स्थापना दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, कर्मचारियों और मरीजों की मौजूदगी रही।

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गंगा सेवा सदन की स्थापना 4 सितंबर 2004 को जनसेवा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। दो दशक से अधिक के सफर में अस्पताल ने चिकित्सा सेवाओं के विस्तार के साथ मरीजों और उनके परिजनों के विश्वास को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि माना है।


स्थापना दिवस के मौके पर अस्पताल प्रबंधन की ओर से बीते 22 वर्षों की सेवा यात्रा को याद किया गया। इस दौरान अस्पताल से जुड़े चिकित्सकों, कर्मचारियों, सहयोगी संस्थाओं, शुभचिंतकों और काशीवासियों के प्रति आभार जताया गया।

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अस्पताल के चेयरमैन राकेश मौर्य ने कहा कि 22 वर्षों की यह यात्रा केवल उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मरीजों और उनके परिवारों के साथ बने भरोसे के रिश्ते की कहानी है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र लगातार बदल रहा है और आने वाले समय में मरीजों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता रहेगी।
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अस्पताल की डायरेक्टर डॉ. सुशीला मौर्य ने कहा कि गंगा सेवा सदन की कार्यप्रणाली की नींव शुरुआत से ही सेवा-भावना पर आधारित रही है। उन्होंने कहा कि मरीजों और काशीवासियों का विश्वास अस्पताल के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है। चिकित्सा के क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों के बीच अस्पताल आधुनिक सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। उनका लक्ष्य है कि काशी और आसपास के लोगों को बेहतर इलाज के लिए स्थानीय स्तर पर ही अधिक से अधिक सुविधाएं मिल सकें।


गंगा सेवा सदन प्रबंधन ने 22 वर्षों की सेवा यात्रा को मरीजों के विश्वास, चिकित्सकों के समर्पण और सहयोगियों के योगदान का परिणाम बताते हुए भविष्य में भी इसी भावना के साथ स्वास्थ्य सेवाएं जारी रखने का संकल्प दोहराया।