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वाराणसी एयरपोर्ट विस्तार में भूमि अधिग्रहण का घोटाला! गैर-प्रभावित जमीन और दर्जनों मकानों को कागजों में दोगुना दिखाकर बैनामा, करोड़ों की वसूली, FIR की मांग

लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के विस्तार के लिए हो रहे भूमि अधिग्रहण में करोड़ों रुपये के घोटाले का सनसनीखेज आरोप सामने आया है। पिंडरा तहसील के करमी गांव निवासी शिवलाल व जानकी देवी ने दो सितंबर 2026 को जिलाधिकारी वाराणसी से शिकायत कर एफआईआर और सरकारी धन की वसूली की मांग की है। शिकायत में राजस्वकर्मियों की मिलीभगत से फर्जी बैनामे कराए जाने का गंभीर आरोप लगाया गया है।

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आरोप है कि मौजा करमी, परगना कोलअसला की आराजी संख्या 361 की आबादी भूमि में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा हुआ है। प्रभावित व्यक्तियों की सहमति के बिना पिलर से बाहर की गैर-प्रभावित जमीन और दर्जनों मकानों को कागजों में दोगुना क्षेत्रफल व निर्माण दिखाकर बैनामा कराया गया। आरोप है कि मुआवजा लेने के बाद भी लाभार्थी उसी जमीन पर काबिज होकर मकान बना रहे हैं, जिससे सरकारी खजाने को करोड़ों का नुकसान हुआ है।


शिकायत में साफ तौर पर तत्कालीन लेखपाल धीरज व तहसील प्रशासन की मिलीभगत का आरोप लगाया गया है। गौरतलब है कि एयरपोर्ट विस्तार के तीसरे चरण में करीब 350 एकड़ भूमि ली जा रही है, जिसमें सगुनहा, घमहापुर, करमी, बैकुंठपुर, मंगारी, पुरा रघुनाथपुर व बसनी समेत कई गांव शामिल हैं। 2,869.65 करोड़ रुपये की इस परियोजना में 4,075 मीटर रनवे व रनवे-अंडरपास टनल प्रस्तावित है।


सूत्रों की मानें तो—स्थानांतरण के बाद भी जारी है वसूली का काम

सूत्रों के मुताबिक, आरोपी तत्कालीन लेखपाल धीरज का स्थानांतरण राजातालाब हो चुका है, लेकिन वह पिंडरा में किसी अधिकारी के संरक्षण में वसूली का काम जारी रखे हुए है। यह सवाल उठाता है कि जब लेखपाल का तबादला हो गया, तो फिर पिंडरा में उसकी संलिप्तता कैसे बनी हुई है? क्या प्रशासनिक संरक्षण में ही यह फर्जीवाड़ा अंजाम दिया जा रहा है?

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ग्रामीणों का कहना है कि जब तक जिलाधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर भूमि अधिग्रहण के दस्तावेजों, बैनामों और मुआवजा वितरण की जांच नहीं करेंगे, तब तक इस घोटाले की सच्चाई सामने नहीं आएगी।

पीड़ितों की मांग—एफआईआर और सरकारी धन की वसूली

शिकायतकर्ताओं ने जिलाधिकारी से मांग की है कि मौके पर स्थलीय निरीक्षण करते हुए जांच की जाए और दस्तावेजों का मिलान कराया जाए। उन्होंने कहा कि जो जमीन परियोजना से प्रभावित ही नहीं है, उसके फर्जी बैनामे कराकर करोड़ों का घोटाला किया गया है।


सर्विस लेन आज तक नहीं बनी—ग्रामीण परेशान

बता दे कि एयरपोर्ट टनल परियोजना के नाम पर सड़क बंद किए जाने के बाद आज तक सर्विस लेन का काम शुरू नहीं हुआ है। सिसवां और आसपास के गांवों के ग्रामीणों को महज 25 मीटर की दूरी के लिए करीब 3 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है। स्कूल बसों की आवाजाही प्रभावित है, मरीजों और बुजुर्गों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। बारिश के बाद स्थिति और खराब हो गई है। ग्रामीण लगातार जिलाधिकारी से मौके पर आकर स्थलीय निरीक्षण करने की मांग कर रहे हैं।

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शिकायत में मांग की गई है कि इस पूरे मामले की जांच कराकर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की जाए, तथा विक्रेता और गवाहों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर उनसे सरकारी धन की वसूली हेतु आरओसी जारी किया जाए।


इस बारे में उप जिलाधिकारी पिंडरा कुंदन राज कपूर से बात करने की कोशिश की गई तो फोन नहीं उठा। वहीं लेखपाल संजय तिवारी से पूछताछ में उन्होंने बताया कि गजट में जो कुछ था उसी अनुसार मुआवजा दिया गया है और बाहर की भूमि रजिस्ट्री के आरोप को खारिज किया। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अभी तैनाती दो माह हुआ है, इस मामले की जानकारी नहीं है।