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वाराणसी में सपा विरोधी होर्डिंग से मचा हड़कंप, अखिलेश यादव के साथ माफियाओं की तस्वीरें लगाकर कसा तंज

उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में एक बार फिर राजनीतिक होर्डिंग को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। शहर के प्रमुख चौराहों और ओवरब्रिज पर समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ आक्रामक होर्डिंग लगाए जाने से हड़कंप मच गया है। इन होर्डिंग्स में अखिलेश यादव के साथ कुख्यात माफियाओं की तस्वीरें लगाकर उन पर निशाना साधा गया है।


पांडेयपुर ओवरब्रिज पर लगा विवादित बैनर

जानकारी के अनुसार, वाराणसी के खजुरी क्षेत्र स्थित पांडेयपुर चौराहे पर बने ओवरब्रिज पर एक बड़ा बैनर लगाया गया है। इस बैनर पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की तस्वीर के साथ-साथ अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी, रमाकांत यादव, उमाकांत यादव और मुन्ना बजरंगी जैसे कुख्यात माफियाओं की तस्वीरें भी लगाई गई हैं 

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बैनर पर बड़े अक्षरों में लिखा गया है- “माफियाराज और अखिलेश, लूट लिया था पूरा प्रदेश” । पांडेयपुर चौराहा शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक है, जहां से रोजाना हजारों लोग गुजरते हैं। ऐसे में यह होर्डिंग राहगीरों के बीच चर्चा का केंद्र बनी हुई है।

शहर के कई इलाकों में लगे होर्डिंग

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह होर्डिंग सिर्फ एक जगह तक सीमित नहीं है। शहर के कई अन्य प्रमुख इलाकों में भी इसी तरह के होर्डिंग लगाए गए हैं, जिनमें सपा सरकार के कार्यकाल को ‘माफियाराज’ करार दिया गया है।  

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इन होर्डिंग्स को लेकर शहर में राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इन होर्डिंग्स को किस व्यक्ति या संगठन ने लगवाया है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरें

इन होर्डिंग्स की तस्वीरें तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। यूजर्स इन्हें जमकर शेयर कर रहे हैं और अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। 

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राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह होर्डिंग युद्ध आगामी चुनावों को देखते हुए सियासी माहौल को और गर्माने का काम करेगा।


नगर निगम के नियमों का उल्लंघन

गौरतलब है कि वाराणसी नगर निगम ने शहर में बिना अनुमति होर्डिंग और बैनर लगाने पर सख्त रुख अपनाया है। नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति प्रचार सामग्री लगाना नियमों का उल्लंघन है, और ऐसा करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है । हालांकि, अभी तक इस विवादित होर्डिंग को हटाए जाने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

फिलहाल, इस होर्डिंग ने वाराणसी की सियासत में हलचल तेज कर दी है, और आने वाले दिनों में इस पर प्रतिक्रियाओं का दौर जारी रहने की उम्मीद है।