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वाराणसी में अपराधियों का जलवा कायम! दुकान में मारपीट-तोड़फोड़, 12 लाख रुपये लूटने का आरोप; सीसीटीवी कैमरे भी उखाड़ ले गए

नेवादा स्थित स्वामी हर्षानंद अस्पताल के पास शनिवार देर रात मारपीट, तोड़फोड़ और कथित लूट की घटना सामने आई है। श्री राम ग्लास एंड प्लाईवुड एवं द रॉयल पेट मार्ट नाम से संचालित दुकान पर तीन युवकों के पहुंचने और वहां मारपीट करने का आरोप है। घटना के बाद दुकानदार का रो-रोकर बुरा हाल है। दुकानदार ने दुकान में रखे करीब 12 लाख रुपये लूटे जाने की बात कही है। उसके मुताबिक, यह रकम कंपनियों को भुगतान करने के लिए रखी गई थी।

गार्ड भी नहीं बचा, तीन युवकों पर मारपीट का आरोप

जानकारी के मुताबिक, घटना के समय दुकान पर सुरक्षा गार्ड भी मौजूद था। आरोप है कि दुकान पर पहुंचे तीन युवकों ने गार्ड के साथ भी मारपीट की। इस दौरान दुकान में तोड़फोड़ किए जाने और सीसीटीवी कैमरे निकालकर ले जाने की बात भी सामने आई है। 

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बताया जा रहा है कि तीनों युवकों की गतिविधियां सीसीटीवी फुटेज में रिकॉर्ड हो गई थीं। हालांकि, कैमरे निकालकर ले जाने के दावे के बीच फुटेज किस माध्यम से सुरक्षित है और उसमें क्या स्पष्ट दिखाई दे रहा है, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।



12 लाख रुपये के भुगतान की चिंता, रो-रोकर दुकानदार का बुरा हाल


दुकानदार के मुताबिक, दुकान में रखे करीब 12 लाख रुपये कंपनियों को भुगतान करने के लिए थे। इतनी बड़ी रकम कथित तौर पर गायब होने से दुकानदार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। घटना के बाद सामने आए वीडियो में दुकानदार भावुक होकर अपनी आपबीती सुनाता दिखाई दे रहा है। 

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उसके चेहरे पर परेशानी साफ नजर आ रही है। यदि इतनी बड़ी रकम लूटे जाने की पुष्टि होती है, तो इसका सीधा असर दुकान के कारोबार और कंपनियों को किए जाने वाले भुगतान पर पड़ सकता है।

पुलिस की गश्त और पीआरवी-112 की सक्रियता पर सवाल


इस घटना में रात्रिकालीन पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि यदि देर रात तीन युवक किसी दुकान पर पहुंचकर मारपीट, तोड़फोड़ और कथित लूट जैसी घटना को अंजाम देते हैं, तो क्षेत्र में पुलिस की गश्त कितनी प्रभावी है?

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 क्या संबंधित इलाके में नियमित निगरानी की जा रही थी? वहीं, आपातकालीन पुलिस सेवा पीआरवी-112 की सक्रियता और घटना के समय उसकी प्रतिक्रिया को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, पीआरवी-112 को सूचना दी गई थी या नहीं, पुलिस मौके पर कब पहुंची और घटना के संबंध में क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी अभी सामने आना बाकी है।


आरोपियों की पहचान और पुलिस कार्रवाई का इंतजार


फिलहाल घटना को लेकर दुकानदार की ओर से लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और पुलिस का पक्ष सामने आना बाकी है। सीसीटीवी फुटेज में तीनों युवकों की गतिविधियां रिकॉर्ड होने की बात सही पाए जाने पर जांच में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। अब देखना होगा कि पुलिस मामले की जांच कर आरोपियों की पहचान कब तक करती है और कथित तौर पर लूटी गई रकम की बरामदगी के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। नेवादा की इस घटना ने व्यापारियों की सुरक्षा और रात के समय पुलिस की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।