NHAI ने सड़क काटी, अब ग्रामीणों को 3 किलोमीटर घूमने की सलाह! 25 मीटर की दूरी का ‘गजब’ समाधान, ग्रामीण बोले- हमारी सड़क कब लौटेगी?
बाबतपुर एयरपोर्ट के रनवे विस्तार के लिए बनाए जा रहे अंडरपास को लेकर ग्रामीणों की परेशानी पर NHAI का जवाब अब खुद सवालों के घेरे में आ गया है। ग्रामीणों की शिकायत पर भेजी गई अपनी रिपोर्ट में NHAI ने माना है कि अंडरपास निर्माण के कारण Road C के एक हिस्से की खुदाई की गई है। लेकिन समस्या के समाधान के तौर पर ग्रामीणों को वैकल्पिक रास्ते से आवागमन करने की बात कही गई है।
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इसके बाद NHAI ने अपने जवाब में कहा है कि Road C के बाकी हिस्से तक वैकल्पिक रास्तों से पहुंचा जा सकता है। वाराणसी और बसनी बाजार की ओर से आने वाले यातायात के लिए Road A का इस्तेमाल करने की बात कही गई है। साथ ही NHAI ने Road A और Road B पर आवागमन को निर्बाध बताया है।
यानी सड़क काटी NHAI ने, रास्ता बदलने की सलाह भी NHAI की
यहीं से ग्रामीणों की नाराजगी और बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस सड़क से वे वर्षों से सीधे आवागमन करते थे, उसका हिस्सा निर्माण के दौरान काट दिया गया और अब उसी समस्या का समाधान यह बताया जा रहा है कि दूसरे रास्ते से घूमकर चले जाइए।
ग्रामीणों के अनुसार, प्रभावित हिस्सा करीब 25 मीटर का है, लेकिन इस हिस्से के बंद होने के कारण उन्हें करीब 3 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। रोजाना स्कूल, बाजार, अस्पताल और जरूरी कामों के लिए आने-जाने वाले लोगों के लिए यह बड़ी परेशानी बन गई है।
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कागज पर Road A और B चालू, लेकिन ग्रामीणों की समस्या जस की तस
NHAI ने अपने जवाब में Road A और Road B के चालू होने का हवाला दिया है। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि किसी वैकल्पिक सड़क का मौजूद होना और उसका उनके लिए व्यावहारिक विकल्प होना अलग-अलग बातें हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि 25 मीटर की दूरी के लिए 3 किलोमीटर का चक्कर सामान्य आवागमन का समाधान नहीं हो सकता। उनका आरोप है कि सड़क काटे जाने के बाद अब तक मौके पर ऐसी व्यवस्था नहीं की गई, जिससे पहले की तरह सीधे और सुगम तरीके से गांवों का आवागमन हो सके।
पहले प्रशासन की रिपोर्ट, अब NHAI का जवाब भी सवालों में
इससे पहले प्रशासन की जांच रिपोर्ट में भी कहा गया था कि मार्ग बंद होने से आवागमन बाधित नहीं है और ग्रामीण सिसवां के मुख्य मार्ग से नेशनल हाईवे तक जा सकते हैं।
लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि अगर आवागमन वास्तव में इतना सुगम है तो फिर उन्हें तीन किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर क्यों लगाना पड़ रहा है?
ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारी कागजों में रास्ते की उपलब्धता बता रहे हैं, जबकि जमीन पर उन्हें रोजाना इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है।
ग्रामीण बोले- डीएम खुद मौके पर आकर देखें
ग्रामीणों ने अब जिलाधिकारी वाराणसी से खुद मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण करने की मांग की है। उनका कहना है कि डीएम मौके पर आकर Road C, Road A और Road B की वास्तविक स्थिति देख लें और खुद तय करें कि ग्रामीणों के लिए वैकल्पिक रास्ता वास्तव में कितना सुविधाजनक है।
ग्रामीणों का कहना है कि वे विकास कार्य के विरोध में नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर उनका सीधा रास्ता बंद कर उन्हें रोजाना कई किलोमीटर का चक्कर लगाने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।
अब सवाल NHAI से है—जब आपकी परियोजना के लिए Road C का हिस्सा काटा गया है और ग्रामीणों को 25 मीटर के रास्ते के लिए करीब 3 किलोमीटर घूमना पड़ रहा है, तो क्या केवल ‘Road A से जाइए’ कह देना ही समाधान है?



