विद्यालय का कंप्यूटर नहीं चलने की शिकायत प्रमुख सचिव से करने पर अध्यापक ने तोड़ा हाथ
चंदौली स्थित गोलाबाद के पंडित दीनदयाल उपाध्याय आश्रम पद्धति विद्यालय में प्रमुख सचिव समाज कल्याण विभाग से शिकायत करना एक छात्र को महंगा पड़ गया। अध्यापक ने छात्र को इस कदर पीटा कि उसका दायां हाथ टूट गया। उसे इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।
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| आश्रम पद्धति विद्यालय में प्रमुख सचिव समाज कल्याण विभाग से शिकायत करना एक छात्र को महंगा पड़ गया। |
बीते मंगलवार को प्रमुख सचिव समाज कल्याण हरिओम ने जिलाधिकारी संजीव सिंह के साथ आश्रम पद्धति विद्यालय गोलाबाद का निरीक्षण किया था। उसी दौरान कंप्यूटर कक्ष में छात्रों ने शिकायत की थी कि कंप्यूटर नहीं चलता है। इसके लिए अध्यापक डा. धनंजय कुशवाहा को काफी डांट-फटकार लगी थी। इसका गुस्सा उन्होंने शिकायत करने वाले देवखत के रहने वाले राजेंद्र के पुत्र कक्षा 10 के छात्र शिवम पर उतार दिया और जमकर पिटाई की। इससे छात्र का दाहिना हाथ टूट गया।छात्र ने मोबाइल से फोन करके अपने पिता को घटना की जानकारी दी। पिता राजेंद्र आश्रम पद्धति विद्यालय पहुंचे और अपने पुत्र को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे जहां जांच में शिवम का दाहिना हाथ टूटा निकला।
इस संबंध में लिखित तहरीर राजेंद्र ने नौगढ़ थाने में दी है जिसपर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है।सूचना क्रांति के इस दौर में कंप्यूटर का ज्ञान अति आवश्यक हो गया है। ऐसे में स्कूलों में शिक्षा को बेहतर बनाने, अनुसंधान व नवाचार के लिए भारत सरकार की ओर से स्थापित डाइट (डीआइइटी, डिस्ट्रिक्ट इंस्टीच्यूट आफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान) के व्याख्यता भी अब कंप्यूटर में दक्ष होंगे। इसके लिए कंप्यूटर साक्षरता कार्यक्रम के तहत एससीआरटी (राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद) चंदौली सहित राज्य के आठ जिलों के डाइट के व्याख्याताओं को आनलाइन प्रशिक्षण दे रहा है।इसमें मेरठ, श्रावस्ती, मऊ, उन्नाव, बुलंदशहर, बदायूं, बस्ती व सुलतानपुर शामिल है।आनलाइन प्रशिक्षण में कंप्यूटर की बेसिक जानकारी के साथ गूगल एंड इट्स टूल्स, एमएस वर्ड, स्कैनर, पीडीएफ मेकिंग, एमएस एक्सल, एमएस पावरप्वाइंट, साइबर सेक्युरिटी, वीडियो एडिटिंग, इंटरनेट मीडिया, ई गवर्नेंस साइट सहित कंप्युटर से जुड़ी अन्य तकनीकी जानकारी दी जाएगी। इस प्रशिक्षण का लाभ प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को मिले, इसके लिए प्रशिक्षण प्राप्त डाइट के व्याख्याता शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे, ताकि सरकारी विद्यालयों में अध्यनरत छात्र-छात्राएं भी कंप्यूटर शिक्षा में साक्षर बन सकें।


