प्रतिबंधित कफ सिरप तस्करी में सिगरा निवासी शुभम जायसवाल सरगना, गाजियाबाद पुलिस ने कमिश्नरेट से मांगी जानकारी
गाजियाबाद की नंदग्राम थाना पुलिस ने प्रतिबंधित कफ सिरप तस्करी मामले में वाराणसी के सिगरा निवासी शुभम जायसवाल को मुख्य सरगना बताया है। मामले में शुभम के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा चुका है।
![]() |
| विज्ञापन |
अब गाजियाबाद पुलिस ने वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस से संपर्क साधकर आरोपी के संबंध में विस्तृत जानकारी मांगी है। पुलिस को शक है कि जांच की कड़ी सप्तसागर दवा मंडी तक भी पहुंच सकती है।
कैसे सामने आया नाम
दरअसल, सोनभद्र पुलिस की सूचना पर तीन नवंबर को गाजियाबाद में प्रतिबंधित कफ सिरप की बड़ी खेप पकड़ी गई थी। यह खेप बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के रास्ते बांग्लादेश भेजी जानी थी।
![]() |
| विज्ञापन |
पूछताछ में वाराणसी के शुभम जायसवाल का नाम सामने आया, जिसके बाद उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
भूमिगत हुआ आरोपी
सूत्रों के अनुसार मुकदमा दर्ज होने के बाद से शुभम जायसवाल और उसके करीबियों ने भूमिगत होने की कोशिश की है। वह सोशल मीडिया पर सक्रिय रहता है और हाल ही में उसने महमूरगंज स्थित अपने ऑफिस में पूर्वांचल के एक पूर्व सांसद के साथ तस्वीर भी पोस्ट की थी। पुलिस के अनुसार, शुभम का मैदागिन क्षेत्र में मेडिकल स्टोर भी है।
क्या है पूरा मामला
सोनभद्र पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने गाजियाबाद पुलिस के सहयोग से चार ट्रक प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद किए थे। इस दौरान तस्करी में शामिल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके पास से एक क्रेटा कार और कई फर्जी दस्तावेज बरामद किए। पुलिस का दावा है कि यह गिरोह बांग्लादेश तक सक्रिय है और सोनभद्र से यह खेप बिहार, झारखंड और बंगाल के रास्ते भेजी जाती थी।
इसके पहले 18 अक्टूबर को सोनभद्र के चुर्क मोड़ के पास चेकिंग के दौरान एक ट्रक पकड़ा गया था। उसमें चिप्स के कार्टनों के पीछे कफ सिरप की खेप छिपाई गई थी। जांच आगे बढ़ने पर और इनपुट मिले, जिसके आधार पर रांची से भी एक ट्रक पकड़ा गया।


