वरिष्ठ अधिवक्ता श्री नाथ त्रिपाठी को जान से मारने की धमकी, कचहरी परिसर में हाई अलर्ट
शहर के एक वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता एवं बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य श्री नाथ त्रिपाठी को आधी रात उनके व्यक्तिगत मोबाइल नंबर पर एक धमकी भरा एसएमएस भेजा गया, जिसमें “बनारस कचहरी को बम से उड़ा देने” तथा उन्हें भी जान से मारने की धमकी दी गई। इस घटना से वाराणसी की कानूनी बिरादरी में हड़कंप मच गया है।
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श्री त्रिपाठी ने बताया कि यह धमकी न केवल उनके लिए, बल्कि कचहरी परिसर में मौजूद न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और वादकारियों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है। उन्होंने तत्काल इस मामले की सूचना संबंधित पुलिस अधिकारियों को दी और जिला जज को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण से अवगत कराया। उनका कहना है कि इस प्रकार की धमकियां न्यायपालिका की स्वतंत्रता और उसकी कार्यप्रणाली को प्रभावित करने का प्रयास हैं, जिन्हें किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
प्रशासन हरकत में, बम निरोधक दस्ता पहुंचा
मामले की गंभीरता को देखते हुए सिटी मजिस्ट्रेट, एसीपी कैंट और इंस्पेक्टर कैंट तत्काल कचहरी परिसर पहुंचे तथा अधिवक्ता से विस्तृत जानकारी ली। एहतियातन बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड की टीम को बुलाकर पूरे कचहरी परिसर की सघन जांच कराई गई। जांच के दौरान कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई।
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पुलिस-प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि प्राप्त प्रार्थना पत्र के आधार पर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी और धमकी भेजने वाले की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल कचहरी में न्यायिक कार्य सामान्य रूप से संचालित हो रहा है, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
अधिवक्ताओं में रोष, सुरक्षा बढ़ाने की मांग
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— The Varanasi News (@thevaranasinews) February 26, 2026
इस घटना के बाद वाराणसी के अधिवक्ताओं ने एकजुटता दिखाते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। अधिवक्ताओं की एक बैठक बुलाकर कचहरी परिसर में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने पर चर्चा की गई।
सुझावों में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाना, अतिरिक्त सुरक्षा गार्डों की तैनाती तथा नियमित सुरक्षा जांच अभियान चलाने की मांग प्रमुख रूप से शामिल है। अधिवक्ताओं का कहना है कि कचहरी जैसे संवेदनशील स्थान पर किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर परिणाम ला सकती है।
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घटना ने शहर की न्यायिक व्यवस्था की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और शांति व्यवस्था कायम है, फिर भी कानूनी बिरादरी इस मामले में त्वरित और कठोर कार्रवाई की अपेक्षा कर रही है।


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