कुत्ते के काटने के चार महीने बाद दिखा रेबीज का असर, अचानक भौंकने लगा बच्चा; वाराणसी ट्रामा सेंटर रेफर
मीरजापुर जिले के कछवां नगर पंचायत के जोगीपुर वार्ड में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। चार माह पहले कुत्ते के काटने के बाद एक बालक में अचानक रेबीज के लक्षण दिखाई देने लगे। हालत बिगड़ने पर उसे वाराणसी के ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है। इस घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार जोगीपुर वार्ड निवासी भाईलाल का पुत्र करन करीब चार माह पहले अपने ननिहाल वाराणसी के हरहुआ गांव गया हुआ था। इसी दौरान उसे एक कुत्ते ने काट लिया था। परिजनों के मुताबिक उस समय उसे
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दो एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाए गए थे—एक निजी चिकित्सालय में और दूसरा कछवां सीएचसी में। लेकिन इसके बाद तीसरा और चौथा इंजेक्शन नहीं लग पाया।
बताया जा रहा है कि शुक्रवार की रात अचानक करन के सिर में तेज दर्द होने लगा और वह काफी घबराने लगा। कुछ ही देर में उसकी आवाज बदलने लगी और वह अजीब हरकतें करने लगा। परिजनों के अनुसार वह कुत्तों की तरह भौंकने जैसा व्यवहार करने लगा। बच्चे की यह हालत देखकर परिवार के लोग घबरा गए।
परिजन पहले उसे पास के हनुमान मंदिर ले गए और भूत-प्रेत की आशंका में पूजा-पाठ कराया, लेकिन जब हालत में कोई सुधार नहीं हुआ तो उसे तुरंत कछवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले
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जाया गया। वहां डॉक्टरों को कुत्ते के काटने की जानकारी मिली, जिसके बाद जांच में रेबीज का असर होने की आशंका जताई गई।
बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तत्काल वाराणसी ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। फिलहाल उसका इलाज जारी है।
सीएचसी कछवां के चिकित्साधिकारी डॉ. सी.बी. पटेल ने बताया कि एक बालक को परिजन अस्पताल लेकर आए थे, जिसमें रेबीज के लक्षण दिखाई दे रहे थे। उसकी हालत गंभीर होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए वाराणसी ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया है।
इस घटना के बाद स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि कुत्ते के काटने पर तुरंत एंटी-रेबीज वैक्सीन का पूरा कोर्स समय पर लगवाना बेहद जरूरी है, अन्यथा संक्रमण जानलेवा हो सकता है।


