काशी में नवरात्रि के पंचम दिवस पर माँ विशालाक्षी गौरी के दर्शन, शक्तिपीठ होने से बढ़ा महत्व
धर्म और आस्था की नगरी काशी में चैत्र नवरात्रि के पांचवें दिन माँ विशालाक्षी गौरी के दर्शन-पूजन का विशेष महत्व है। मीर घाट (दशाश्वमेध घाट के समीप) स्थित प्राचीन माँ विशालाक्षी गौरी मंदिर, जो कि एक प्रमुख शक्तिपीठ भी है, में आज सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
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भक्तों ने माँ के दरबार में पहुंचकर विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया और सुख-समृद्धि की कामना की। धार्मिक मान्यता के अनुसार, माँ विशालाक्षी शक्तिपीठ में दर्शन करने से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं और उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
मंदिर परिसर में भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। “जय माता दी” के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्थानीय प्रशासन द्वारा सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
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काशी की परंपरा के अनुसार नवरात्रि के प्रत्येक दिन माँ गौरी के अलग-अलग स्वरूपों के दर्शन का विधान है, जिसमें पंचम दिवस पर माँ विशालाक्षी गौरी का दर्शन अत्यंत पुण्यदायी और फलदायी माना जाता है। श्रद्धालुओं ने माँ के दर्शन को अपने जीवन का सौभाग्य बताया।


